केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वह पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता मंत्रालय की कार्यप्रणाली को गहराई से समझना और सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी लेना है।
प्रह्लाद जोशी ने बताया कि हाल ही में वह कर्नाटक दौरे पर थे और देर रात दिल्ली लौटने के बाद उन्होंने मंत्रालय का पदभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं और मंत्रालय के विभिन्न विभागों, योजनाओं तथा मौजूदा कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय का दायरा काफी व्यापक है और इसकी जिम्मेदारियां देशभर के करोड़ों छात्रों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी हैं। ऐसे में किसी भी निर्णय से पहले मंत्रालय के सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
नए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा उनके लिए एक नया विभाग है, इसलिए वह फिलहाल किसी नीति या भविष्य के फैसलों पर जल्दबाजी में टिप्पणी नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि पहले मंत्रालय की कार्यप्रणाली, चल रही योजनाओं और प्राथमिकताओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह मंत्रालय के कामकाज की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि किन क्षेत्रों में आगे सुधार और नई पहल की आवश्यकता है। उनके अनुसार, शिक्षा क्षेत्र देश के भविष्य की नींव है, इसलिए इस मंत्रालय में सोच-समझकर और प्रभावी ढंग से काम करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।








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