कानपुर के उच्च शिक्षण संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में शहर के तीन प्रमुख संस्थानों ने जगह बनाई है। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) और हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) शामिल हैं। इन संस्थानों के प्रदर्शन से कानपुर की शैक्षणिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिली है।
इस रैंकिंग में IIT कानपुर ने एशिया के शीर्ष 100 संस्थानों में स्थान हासिल किया है। वहीं, CSJMU और HBTU ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। खास बात यह है कि CSJMU ने अकादमिक प्रतिष्ठा और रोजगारदाता प्रतिष्ठा जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर पिछले वर्षों के मुकाबले सुधार किया है।
दक्षिण एशिया में IIT कानपुर सातवें स्थान पर
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में दक्षिण एशिया के संस्थानों के बीच IIT कानपुर ने सातवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, CSJMU को दक्षिण एशिया की सूची में 324वीं और HBTU को 425वीं रैंक मिली है।
देश के स्तर पर CSJMU को 172वां स्थान मिला है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में विश्वविद्यालय चौथे स्थान पर रहा।
इन नतीजों से पता चलता है कि कानपुर के संस्थान तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ सामान्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
एशिया के 1722 विश्वविद्यालयों के बीच हुई रैंकिंग
क्यूएस की वर्ष 2027 की एशियाई रैंकिंग में कुल 26 देशों के 1722 विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें भारत के 325 संस्थान भी शामिल हैं।
संस्थानों का मूल्यांकन कई अलग-अलग मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें अकादमिक प्रतिष्ठा, कंपनियों और नियोक्ताओं के बीच संस्थान की पहचान, शोध कार्यों का प्रभाव, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग जैसे पहलू शामिल हैं।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों की वैश्विक भागीदारी और शोध पत्रों को मिलने वाले उद्धरणों को भी महत्व दिया जाता है। इन सभी मानकों के आधार पर संस्थानों की स्थिति निर्धारित की जाती है।
CSJMU की अकादमिक प्रतिष्ठा में तीन साल में बड़ा सुधार
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के लिए इस बार की रैंकिंग में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक अकादमिक प्रतिष्ठा के स्कोर में लगातार बढ़ोतरी है।
विश्वविद्यालय के अकादमिक प्रतिष्ठा स्कोर में पिछले तीन वर्षों के दौरान सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में यह स्कोर 5 था, जो 2026 में बढ़कर 13.4 हो गया। वर्ष 2027 में इसमें और बढ़ोतरी हुई और यह 20.6 तक पहुंच गया।
इस तरह तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने अकादमिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अपनी स्थिति बेहतर की है। यह बदलाव शिक्षण व्यवस्था, शैक्षणिक गतिविधियों और संस्थान की पहचान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रोजगारदाता प्रतिष्ठा में भी विश्वविद्यालय को फायदा
CSJMU ने रोजगारदाता प्रतिष्ठा के मानक पर भी लगातार सुधार दर्ज किया है। वर्ष 2025 में इस श्रेणी में विश्वविद्यालय को 10.4 अंक मिले थे। 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 13.1 हो गया, जबकि 2027 में विश्वविद्यालय ने 14.1 अंक हासिल किए।
इसके अलावा पीएचडी धारक शिक्षकों के मानक पर विश्वविद्यालय को 58.4 अंक प्राप्त हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क के मामले में 25.8 और प्रति शोधपत्र उद्धरण के मानक पर 24.9 अंक मिले हैं।
ये आंकड़े विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाते हैं। खासतौर पर शोध और योग्य शिक्षकों से जुड़े मानकों पर प्रदर्शन विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण है।
कुलपति ने उपलब्धि का श्रेय शिक्षा और शोध को दिया
CSJMU के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक ने रैंकिंग में विश्वविद्यालय के प्रदर्शन पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है।
कुलपति के मुताबिक, तीन वर्षों में अकादमिक प्रतिष्ठा का स्कोर 5 से बढ़कर 20.6 तक पहुंचना विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस उपलब्धि को संस्थान में किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों का परिणाम बताया।
कानपुर की उच्च शिक्षा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में IIT कानपुर, CSJMU और HBTU की मौजूदगी शहर के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। जहां IIT कानपुर ने तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाए रखी है, वहीं CSJMU और HBTU ने भी एशियाई स्तर पर अपनी जगह दर्ज कराई है।
इस उपलब्धि से कानपुर के शिक्षण संस्थानों के सामने शोध, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और आगे बढ़ाने का अवसर है। आने वाले वर्षों में इन संस्थानों का प्रदर्शन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शहर की पहचान को और प्रभावित कर सकता है।

