{“_id”:”66faf377ffe7c618c104d1bd”,”slug”:”cbi-court-gives-verdict-in-corruption-cases-2024-10-01″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”UP: भ्रष्टाचार के मामलों में तीन डॉक्टर और दो बैंककर्मियों को सजा, सीबीआई कोर्ट ने सुनाया निर्णय”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
राजधानी लखनऊ स्थित सीबीआई की अदालत ने सजा सुनाई है। 28 साल पुराने आयुर्वेद घोटाले में बाराबंकी के डॉ. श्यामलाल को तीन साल की सजा सुनाई है।

–
विस्तार
सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को पांच अलग-अलग मुकदमों में भ्रष्टाचार के दोषी दो डॉक्टरों और दो पूर्व बैंककर्मियों को सजा सुनाई है। इसमें 28 साल पुराना आयुर्वेद घोटाले में शामिल दो तत्कालीन क्षेत्रीय आयुर्वेद व यूनानी अधिकारी उत्तरकाशी के डॉ. महिपत सिंह और बाराबंकी के डॉ. श्यामलाल शामिल हैं। दोनों को बिना निविदा जारी किए सामान की खरीद करके घोटाला अंजाम देने पर कोर्ट ने 3-3 वर्ष का कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
इसके अलावा जुलाई 2002 से सितंबर 2003 के बीच केंद्र सरकार द्वारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने के लिए दी गई 28 लाख रुपये का गबन करने वाले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जयकरन को तीन वर्ष की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
वहीं, कानपुर में वर्ष 2005 में यूको बैंक की हालसी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक केके मेहता ने एफडीआर बुक चोरी कर फर्जी ड्राफ्ट बनाए थे। बाद में उसके जरिए 4.16 लाख रुपये का ऋण लेकर हड़प लिया था। सीबीआई ने उनके खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इसमें दोषी पाए जाने पर 7-7 साल की सजा और 8.25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जबकि उनकी मदद करने वाले किदवईनगर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक विजय कुमार को 3 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा कानपुर निवासी अनिल गुप्ता को 25 साल पुराने केस में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। अनिल ने रेलवे की फर्जी रसीदें लगाकर डाक विभाग के साथ धोखाधड़ी की थी।
Source Agency News







Visit Today : 9
Total Visit : 273010
Hits Today : 103
Total Hits : 675224
Who's Online : 2