मेरठ की सरधना विधानसभा सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद विनीत भराला ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बसपा प्रमुख मायावती की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा।
सदस्यता ग्रहण कराने के दौरान मायावती ने विनीत भराला का स्वागत किया और उन्हें सरधना विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी। कार्यक्रम में बसपा के वरिष्ठ नेता बाबू मुनकाद अली सहित कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बसपा में शामिल होने के बाद विनीत भराला ने कहा कि वह पार्टी की बहुजन हितैषी विचारधारा और नीतियों से प्रभावित होकर जुड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और लोगों के बीच सक्रिय रूप से काम करने का प्रयास करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विनीत भराला की एंट्री से सरधना विधानसभा क्षेत्र में चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। खासतौर पर जाट मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बसपा की यह रणनीति अहम मानी जा रही है।
विनीत भराला का राजनीतिक परिवार से जुड़ाव रहा है। उनके पिता स्वर्गीय सत्यप्रकाश भराला लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे थे। विनीत भराला ने भी पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से सरधना सीट का टिकट पाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसके बाद से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं।
अब बसपा में उनकी औपचारिक एंट्री के बाद सरधना विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव में इस सीट पर विभिन्न दलों के बीच मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।








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