लखनऊ के रानी लक्ष्मीबाई वार्ड में बरसात के दौरान जलभराव, नालों की सफाई में लापरवाही और गंदगी जैसी समस्याओं से स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। इससे बचने के लिए कुछ परिवारों ने अपने घरों के मुख्य गेट के सामने अस्थायी दीवार तक बना ली है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और नियमित सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। उनका आरोप है कि नालों की केवल ऊपरी सतह की सफाई की जाती है, जबकि तलहटी में जमा सिल्ट नहीं निकाली जाती। इसके कारण बारिश के समय पानी की निकासी बाधित हो जाती है और कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है, जिससे सड़कें संकरी हो गई हैं और रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। कई स्थानों पर दुकानों और अन्य निर्माणों के कारण नालों पर भी कब्जा कर लिया गया है, जिससे जल निकासी और अधिक प्रभावित हो रही है।
क्षेत्र के पीर जलील खटिकाना इलाके में सार्वजनिक शौचालय जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। वहीं झंडेवाला पार्क की बदहाल स्थिति और वहां असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। पार्क के आसपास अक्सर कूड़े के ढेर लगे रहने की शिकायत भी सामने आई है।
निवासियों के अनुसार पहले आयोजित जनसुनवाई में नगर प्रशासन की ओर से अधिकारियों को तय समय में समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी अधिकांश मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी।
कैसरबाग सब्जी मंडी, बाग मुन्नू, लाटूश रोड और नया गांव वेस्ट जैसे इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों की क्षमता कम होने और नियमित सफाई न होने के कारण पानी घरों और सड़कों पर भर जाता है, जिससे लोगों का सामान भी खराब हो जाता है।
कुछ स्थानों पर होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा नालों पर किए गए अतिक्रमण को भी जलभराव की बड़ी वजह माना जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि अवैध कब्जों को हटाकर नालों की पूरी गहराई तक सफाई कराई जाए ताकि बारिश के पानी की निकासी सुचारु हो सके।
कैसरबाग क्षेत्र में सड़कों पर अतिक्रमण के कारण यातायात भी प्रभावित रहता है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि स्थायी समाधान के बिना जाम की समस्या खत्म नहीं होगी। उनका सुझाव है कि पार्किंग और अतिक्रमण प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
वार्ड के कई हिस्सों में सीवर और पेयजल से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई हैं। कुछ इलाकों में लोगों ने गंदे पानी की आपूर्ति और टूटी हुई पानी की टंकियों की समस्या उठाई है। उनका कहना है कि संबंधित विभागों को कई बार शिकायत देने के बावजूद अभी तक संतोषजनक समाधान नहीं मिला है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई कार्य और सीवर व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उनका कहना है कि नियमित निगरानी, नालों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने से वार्ड की अधिकांश समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।








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