Tuesday, July 14, 2026

उत्तर प्रदेश

SC ने मंदिर-मस्जिद विवादों में मध्यस्थता का दिया प्रस्ताव, हिंदू-मुस्लिम पक्ष ने सुनवाई पर दिया जोर

SC ने मंदिर-मस्जिद विवादों में मध्यस्थता का दिया प्रस्ताव, हिंदू-मुस्लिम पक्ष ने सुनवाई पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समाधान तलाशने के लिए मध्यस्थता (मेडिएशन) का सुझाव दिया है। हालांकि, दोनों पक्षों ने इन मामलों में अदालत के जरिए सुनवाई जारी रखने की आवश्यकता बताई है।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 21 से 23 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले ‘समाधान समारोह’ (लोक अदालत) के तहत ऐसे मामलों में सहमति से समाधान की संभावना तलाशने के लिए संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा था। लेकिन हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों ने इस प्रक्रिया में शामिल होने पर असहमति जताते हुए कहा कि ये मामले जटिल कानूनी और संवैधानिक प्रश्नों से जुड़े हैं, इसलिए इनका निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होना चाहिए।

ज्ञानवापी विवाद

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर को लेकर लंबे समय से न्यायालय में विवाद चल रहा है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद परिसर प्राचीन मंदिर स्थल पर बना है और परिसर के कुछ हिस्सों में पहले पूजा-अर्चना होती थी। वहीं मुस्लिम पक्ष इन दावों को खारिज करते हुए मस्जिद पर अपने ऐतिहासिक और कानूनी अधिकार का दावा करता है। मामले की सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है।

मथुरा विवाद

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से जुड़ा मामला भी अदालत में लंबित है। हिंदू पक्ष का कहना है कि शाही ईदगाह उस भूमि पर बनी है जिसे श्रीकृष्ण जन्मस्थान माना जाता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इन दावों का विरोध करता है। इस मामले में कई दीवानी वाद विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।

संभल विवाद

संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर भी न्यायालय में मामला लंबित है। सर्वे से जुड़े अदालत के आदेश के बाद क्षेत्र में तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद से यह मामला भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से मध्यस्थता का सुझाव ऐसे मामलों में सौहार्दपूर्ण समाधान की संभावना तलाशने के उद्देश्य से दिया गया था। हालांकि, पक्षकारों की असहमति के बाद अब इन विवादों की सुनवाई अदालत में तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी।

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