Friday, July 24, 2026

राष्ट्रीय

NEET-UG पेपर लीक केस में CBI का बड़ा दावा, संजीव मुखिया के खिलाफ सबूत नहीं; केजरीवाल ने साधा निशाना

NEET-UG पेपर लीक केस में CBI का बड़ा दावा, संजीव मुखिया के खिलाफ सबूत नहीं; केजरीवाल ने साधा निशाना

NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पष्ट किया है कि उसकी जांच में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के खिलाफ ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि वह प्रश्नपत्र चोरी या उसे आगे पहुंचाने की साजिश में शामिल था। इसी वजह से एजेंसी ने इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की।

CBI के अनुसार, शुरुआत में बिहार पुलिस ने पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को आरोपी बनाया था। उसका नाम पहले भी कई परीक्षा पेपर लीक मामलों में सामने आने के कारण उस पर संदेह जताया गया था। बाद में मामले की जांच CBI को सौंप दी गई।

एजेंसी ने बताया कि विस्तृत जांच के दौरान पेपर चोरी, उसके वितरण और उससे लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान की गई। इस मामले में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। हालांकि, संजीव मुखिया की भूमिका को लेकर कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे इस केस में आरोपी नहीं बनाया गया।

CBI ने यह भी स्पष्ट किया कि संजीव मुखिया को NEET-UG मामले में जमानत मिली थी, लेकिन वह बिहार पुलिस के अन्य मामलों में आरोपी होने के कारण न्यायिक हिरासत में बना रहा। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई और किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका नहीं दिया गया।

CBI ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि संजीव मुखिया का नाम जानबूझकर चार्जशीट से हटाया गया। एजेंसी के मुताबिक, यह फैसला केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लिया गया।

इस बीच, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CBI के रुख पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि मामले के कथित मास्टरमाइंड के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिसके चलते उसे जमानत मिल गई और बाद में क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए।

वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि छात्रों का गुस्सा स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी आंदोलन को हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत बताई।

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर छात्र को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी मेहनत का निष्पक्ष मूल्यांकन होगा। बिंद्रा ने पारदर्शी, विश्वसनीय और योग्यता आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि छात्रों का विश्वास मजबूत बना रहे।

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