Monday, September 21, 2026

राष्ट्रीय

नंदीग्राम उपचुनाव पर फिर आमने-सामने TMC-कांग्रेस, कल्याण बनर्जी ने अधीर रंजन पर उठाए सवाल

नंदीग्राम उपचुनाव पर फिर आमने-सामने TMC-कांग्रेस, कल्याण बनर्जी ने अधीर रंजन पर उठाए सवाल

 

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ किसी तरह के तालमेल के पक्ष में नहीं हैं।

नंदीग्राम में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने अपने उम्मीदवार के चुनाव मैदान से हटने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी ने इसे विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया था।

राहुल गांधी और ममता बनर्जी के संपर्क में होने का दावा

कल्याण बनर्जी ने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी के बीच गठबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और ममता बनर्जी के बीच संपर्क है और दोनों नेता विपक्षी गठबंधन को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं।

उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में टीएमसी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। उनके मुताबिक, पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में यह फैसला लिया गया।

ममता बनर्जी ने भी नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा करते हुए कांग्रेस को ‘सिस्टर पार्टी’ बताया था और कहा था कि इस कदम का उद्देश्य INDIA गठबंधन को मजबूत करना है।

अधीर रंजन चौधरी पर कल्याण बनर्जी का हमला

कल्याण बनर्जी ने अधीर रंजन चौधरी को लेकर काफी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी ममता बनर्जी के खिलाफ हैं और टीएमसी तथा कांग्रेस के बीच सहयोग की राह में बाधा बने हुए हैं।

कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि अधीर रंजन चौधरी बीजेपी के प्रति नरम रुख रखते हैं और वह बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की इच्छा रखते थे। हालांकि, यह कल्याण बनर्जी का राजनीतिक आरोप है और इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ प्रदेश स्तर के नेताओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के रुख में अंतर दिखाई देता है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी विपक्षी गठबंधन को बनाए रखने के इच्छुक हैं, जबकि अधीर रंजन चौधरी टीएमसी के साथ काम करने के पक्ष में नहीं हैं।

अधीर रंजन ने ममता के समर्थन पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, अधीर रंजन चौधरी ने नंदीग्राम में कांग्रेस को ममता बनर्जी के समर्थन के ऐलान पर अलग रुख रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ममता बनर्जी से समर्थन नहीं मांगा था।

चौधरी ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि ममता बनर्जी ने पहले नंदीग्राम से अपना उम्मीदवार उतारा और उसके नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा की। उन्होंने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट की।

नंदीग्राम में कैसे बदला चुनावी समीकरण?

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के गुट ने पहले संचित प्राधान डे को उम्मीदवार बनाया था। बाद में उन्होंने चुनाव से हटने का फैसला किया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।

इस बीच कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी के गुट ने सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस ने लंबित वारंट का हवाला दिया है।

नंदीग्राम में बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा टीएमसी के दूसरे गुट और वाम दलों ने भी अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। ऐसे में उपचुनाव से पहले बंगाल की राजनीति में मुकाबला और बयानबाजी दोनों तेज हो गई हैं।

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