Wednesday, September 16, 2026

राष्ट्रीय

मणिपुर के तमेंगलॉन्ग में ताजा हिंसा, दो कुकी महिलाओं की मौत; कई फार्म हाउस जले

मणिपुर के तमेंगलॉन्ग में ताजा हिंसा, दो कुकी महिलाओं की मौत; कई फार्म हाउस जले

मणिपुर में जारी जातीय तनाव के बीच मंगलवार को एक और हिंसक घटना सामने आई। तामेंगलोंग जिले के लेइसांगफाई इलाके में दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद गांव के बाहरी हिस्से में बने कुछ कच्चे फार्म हाउसों को भी आग के हवाले किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों महिलाएं एक सुनसान खेत में लकड़ी इकट्ठा करने के लिए गई थीं। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। दोनों की मौके पर ही मौत होने की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।

मृतकों की हुई पहचान

हमले में मारी गई महिलाओं की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितल्हाउ और 30 वर्षीय किंबोई सिंगसन के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों के शव खेत में पड़े मिले और उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे।

ग्रामीणों ने बाद में दोनों शवों को वहां से बरामद किया। स्थानीय लोगों की ओर से कुछ अन्य ग्रामीणों के लापता होने की बात भी कही गई है, हालांकि उनके संबंध में तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

हमले के बाद गांव के आसपास मौजूद कुछ कच्चे मकानों और फार्म हाउसों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई। फिलहाल हमले के पीछे किसका हाथ था, इसे लेकर जांच जारी है। किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

दो दिन पहले भी हुई थी चार लोगों की हत्या

मंगलवार की घटना से महज दो दिन पहले, 13 सितंबर को तामेंगलोंग और आसपास के इलाकों में अलग-अलग हमलों में चार लोगों की मौत हुई थी। इनमें एक दंपति भी शामिल था, जबकि उनके छह वर्षीय बच्चे को गोली लगने के बाद इलाज के लिए ले जाया गया था।

एक अन्य घटना में भी दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने रविवार को हुई घटनाओं में शामिल हमलावरों की पहचान के लिए जांच शुरू की है।

2023 से जारी है मणिपुर में जातीय हिंसा

मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच मई 2023 से जातीय हिंसा का दौर जारी है। राज्य सरकार की ओर से 3 सितंबर 2026 को विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक इस हिंसा में 306 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 49 लोग अभी भी लापता बताए गए थे।

हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित भी हुए हैं। सरकार के अनुसार, हजारों लोग अब भी राहत शिविरों या अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं।

लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता

तामेंगलोंग में लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ताजा हमले में मारी गई दोनों महिलाओं के मामले में जांच जारी है और हमलावरों की पहचान तथा घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की जा रही है।

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