उन्नाव में पुराने जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत का रास्ता अब साफ हो गया है। पुल पर मरम्मत कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयार किए गए डायवर्जन प्लान का तीन दिनों तक परीक्षण किया गया। 13 से 15 सितंबर तक चले इस ट्रायल के दौरान यातायात सामान्य रहा और किसी बड़े जाम की स्थिति सामने नहीं आई। इसके बाद प्रशासन ने डायवर्जन व्यवस्था को अगले तीन महीनों तक लागू रखने की अनुमति दे दी है।
इस मंजूरी के बाद पुल की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। तैयारियों के तहत पुल पर शटरिंग और जैक लगाने का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है। अब डायवर्जन व्यवस्था लागू होने के बाद मरम्मत के बाकी कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
डीएम-एसपी ने देखी यातायात व्यवस्था
डायवर्जन के ट्रायल के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीना और पुलिस अधीक्षक ने मौके पर यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अलग-अलग मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और ट्रैफिक दबाव का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद यातायात को और सुचारु बनाने के लिए डायवर्जन प्लान में दो वैकल्पिक रास्ते शामिल किए गए हैं। इन रास्तों पर वाहन चालकों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए पर्याप्त साइन बोर्ड, संकेतक और ब्लिंकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
मरहला चौराहे से ट्रांसगंगा सिटी होकर निकलेंगे वाहन
मरहला चौराहे और सरैंया रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए एक नया विकल्प तैयार किया गया है। इसके तहत मरहला चौराहे से आने वाले वाहन सरैंया रेलवे क्रॉसिंग की ओर जाने के बजाय ट्रांसगंगा सिटी के रास्ते गेट नंबर-3 से होकर गंगा बैराज की तरफ जा सकेंगे।
यह सड़क करीब चार मीटर चौड़ी है। इस मार्ग का इस्तेमाल मुख्य रूप से हल्के वाहनों के लिए किया जा सकेगा। आवश्यकता पड़ने पर यहां से भारी वाहनों को भी निकाला जा सकता है।
गदनखेड़ा से बक्सर गंगा पुल तक मिलेगा वैकल्पिक मार्ग
डायवर्जन के दौरान गदनखेड़ा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध रहेगा। वाहन दही चौकी से पुरवा, तकिया पाटन और बिहार होते हुए बक्सर गंगा पुल की ओर जा सकेंगे।
इसी मार्ग के जरिए रायबरेली की तरफ जाने वाले वाहन लालगंज होते हुए गेंगासो गंगा पुल के रास्ते फतेहपुर की ओर भी आगे बढ़ सकेंगे। इससे जाजमऊ पुल के आसपास भारी वाहनों का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी।
पुल पर मरम्मत की शुरुआती तैयारी पूरी
जाजमऊ पुराने गंगा पुल की मरम्मत को लेकर शुरुआती तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। पुल पर शटरिंग और जैक लगाए जा चुके हैं। हालांकि, ट्रैफिक डायवर्जन का परीक्षण पूरा होने तक मुख्य मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया था।
अब तीन महीने के लिए डायवर्जन व्यवस्था को मंजूरी मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए मार्गों पर जरूरी संकेतक और अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
तीन दिन के ट्रायल में नहीं बनी जाम की स्थिति
प्रशासन के अनुसार 13, 14 और 15 सितंबर को किए गए ट्रायल के दौरान डायवर्जन व्यवस्था सुचारु रही। इन तीन दिनों में किसी बड़े जाम की स्थिति सामने नहीं आई। ट्रायल के परिणाम को देखते हुए अब इसी व्यवस्था को अगले तीन महीने तक जारी रखने की अनुमति दी गई है।
मरम्मत कार्य चलने के दौरान हल्के वाहनों की आवाजाही कानपुर की ओर से उन्नाव और लखनऊ के बीच जारी रहेगी। वहीं भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।
पुल की मरम्मत पूरी होने तक वाहन चालकों को प्रशासन की ओर से निर्धारित डायवर्जन मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। मार्गों पर लगाए जाने वाले संकेतक और ब्लिंकर वाहन चालकों को सही दिशा की जानकारी देने में मदद करेंगे।








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