कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच टीएमसी के बागी खेमे के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया है।
ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि यदि ममता बनर्जी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की इच्छा जताती हैं, तो उनका गुट अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटा सकता है। उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य ममता बनर्जी को विधानसभा में पहुंचते देखना है।
ममता के लिए उम्मीदवार वापस लेने को तैयार
ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि उनके गुट ने नंदीग्राम सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम पर लगभग फैसला कर लिया है। हालांकि, अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि उम्मीदवार की घोषणा के बाद भी ममता बनर्जी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला करती हैं, तो उनके सम्मान में अपना उम्मीदवार वापस लेने पर विचार किया जाएगा। उनका कहना है कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी विधानसभा का हिस्सा बनें।
ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के चुनावी रिकॉर्ड पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर विधानसभा चुनाव जीतने का अनुभव नहीं लिया है और उपचुनावों को लेकर भी उनकी स्थिति सहज नहीं रही है।
उन्होंने 2021 के नंदीग्राम चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने इस दौरान ममता बनर्जी के परिवार और करीबी लोगों को लेकर भी टिप्पणी की।
नंदीग्राम पर क्यों है सबकी नजर?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की उन विधानसभा सीटों में शामिल है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में राज्य की राजनीति में खास पहचान बनाई है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला था।
इसके बाद नंदीग्राम को बीजेपी के मजबूत राजनीतिक गढ़ के तौर पर देखा जाने लगा। शुभेंदु अधिकारी ने पहले ममता बनर्जी को यहां चुनावी शिकस्त दी थी। बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों में भी यह सीट लगातार चर्चा में बनी रही।
अब उपचुनाव की घोषणा के बाद एक बार फिर नंदीग्राम में राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होने की संभावना है।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को आएगा परिणाम
चुनाव आयोग की ओर से पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है।
दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 16 सितंबर निर्धारित की गई है।
उपचुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है।
इस बीच कांग्रेस ने नंदीग्राम सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने यहां से मिलन प्रधान को चुनाव मैदान में उतारा है।
टीएमसी के चुनाव चिह्न विवाद पर भी बोले ऋतब्रत
टीएमसी के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक पर भी ऋतब्रत बनर्जी ने प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने बैठक में हुई बातचीत का पूरा विवरण बताने से इनकार किया, लेकिन इसे काफी उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग की ओर से कई सवाल पूछे गए थे, जिनका उनकी ओर से जवाब दिया गया। इस दौरान कुछ दस्तावेज भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है और उनका गुट ऐसा करेगा। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे खुद को टीएमसी से जोड़कर देखते हैं और एक लोकतांत्रिक राजनीतिक दल के रूप में चुनाव आयोग की ओर से मांगे गए दस्तावेज और प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी है।
नंदीग्राम में उपचुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ममता बनर्जी चुनाव मैदान में उतरती हैं या नहीं और अलग-अलग राजनीतिक गुट किस रणनीति के साथ चुनाव लड़ते हैं।








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