Friday, August 14, 2026

राष्ट्रीय

सुखबीर बादल की तबीयत को लेकर PM मोदी ने जताई चिंता, पत्नी हरसिमरत से फोन पर हुई बातचीत

सुखबीर बादल की तबीयत को लेकर PM मोदी ने जताई चिंता, पत्नी हरसिमरत से फोन पर हुई बातचीत

 

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी सेहत की जानकारी ली। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने सुखबीर बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत की और उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा।

सुखबीर बादल पर नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवान जी मुगत में एक व्यक्ति ने कृपाण से हमला किया था। हमले में वह घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, वारदात गुरुद्वारा परिसर के अंदर हुई और आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

हाथ में लगे तीन टांके

हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उनके हाथ में चोट आई है और उपचार के दौरान तीन टांके लगाए गए हैं।

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि एक निहंग ने गुरुद्वारे के भीतर सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला किया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं और मामले की जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी लिया हाल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल को फोन करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने सुखबीर बादल की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

शिंदे ने कहा कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

BJP और अकाली दल की बढ़ रही नजदीकी

सुखबीर बादल पर हमले के बीच बीजेपी और अकाली दल के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकियां भी चर्चा में हैं। 7 अगस्त को सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।

मुलाकात के बाद बादल ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को समर्थन देने की बात कही थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हुई हैं।

बीजेपी और अकाली दल लंबे समय तक सहयोगी रहे हैं। हालांकि, किसान आंदोलन के दौरान सितंबर 2020 में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट गया था। अब दोनों दलों के बीच दोबारा बढ़ती नजदीकी को पंजाब की आगामी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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