जम्मू मंडल में रेलवे के जरिए माल ढुलाई को बढ़ावा देने की कोशिशों का असर अब दिखाई देने लगा है। स्थानीय उद्योगों को रेल परिवहन से जोड़ने की मुहिम के तहत कठुआ की एक प्रमुख औद्योगिक इकाई ने अपने उत्पाद को कश्मीर घाटी तक पहुंचाने के लिए रेलवे का सहारा लिया है। इससे न केवल स्थानीय उद्योगों के लिए परिवहन का नया विकल्प तैयार हुआ है, बल्कि रेलवे की माल ढुलाई में नई कमोडिटी भी शामिल हुई है।
कठुआ स्थित रतन ऑयल मिल्स, जो यूरोबिक ब्रांड के तहत बिस्किट का निर्माण करती है, ने अपने उत्पादों की ढुलाई के लिए भारतीय रेल में बुकिंग कराई है। कंपनी के बिस्किट अब रेल मार्ग के जरिए कश्मीर के अनंतनाग तक पहुंचाए जाएंगे।
कठुआ से अनंतनाग भेजे जाएंगे बिस्किट
रेलवे के अनुसार कंपनी ने एक BCN वैगन के लिए इंडेंट दर्ज कराया है। इसमें बिस्किट और अन्य खाद्य स्नैक्स लोड किए जाएंगे। माल की लोडिंग 30 सितंबर 2026 को कठुआ स्थित शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी स्टेशन से की जानी है।
इस खेप को रेल मार्ग से अनंतनाग गुड्स शेड तक भेजा जाएगा। इस पहल को जम्मू मंडल के माल राजस्व में बढ़ोतरी के साथ-साथ माल ढुलाई में शामिल वस्तुओं की संख्या बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
स्थानीय उद्योगों को रेल से जोड़ने पर जोर
जम्मू मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट यानी BDU स्थानीय कारोबारियों और औद्योगिक इकाइयों को रेलवे के जरिए माल भेजने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए उद्योगपतियों और व्यापारियों से संपर्क बढ़ाने के साथ-साथ माल ढुलाई से जुड़े एग्रीगेटर्स के साथ समन्वय किया जा रहा है।
इसी प्रयास का नतीजा है कि पिछले करीब 10 दिनों में 22 से अधिक खाद्यान्न वैगनों की लोडिंग की जा चुकी है। इनमें अनंतनाग से कठुआ और चन्न अरोरियां की ओर भेजे गए खाद्यान्न पार्सल भी शामिल हैं।
कश्मीर तक सामान पहुंचाना होगा आसान
रेलवे के जरिए स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को कश्मीर घाटी तक पहुंचाने से कारोबारियों को सड़क परिवहन के मुकाबले एक वैकल्पिक माध्यम मिलेगा। रेल परिवहन के इस्तेमाल से माल को सुरक्षित और अपेक्षाकृत किफायती तरीके से लंबी दूरी तक भेजने में मदद मिल सकती है।
जम्मू मंडल का कहना है कि इस तरह की पहल से स्थानीय उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी और माल ढुलाई के लिए सड़क परिवहन पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
सीमेंट के बाद बिस्किट की ढुलाई
जम्मू मंडल में पहले से ही कुछ स्थानीय औद्योगिक इकाइयां रेलवे माल परिवहन का इस्तेमाल कर रही हैं। उधमपुर की उमा सीमेंट और कठुआ की गणपति सीमेंट के बाद अब रतन ऑयल मिल्स के जुड़ने से माल ढुलाई की श्रेणी में खाद्य उत्पाद भी शामिल हो गए हैं।
इससे रेलवे की कमोडिटी बास्केट में विविधता आने की उम्मीद है। बिस्किट जैसी रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तु का रेल नेटवर्क से जुड़ना स्थानीय उद्योगों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
व्यापारियों को रेल परिवहन से जोड़ना लक्ष्य
जम्मू के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि मंडल का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को रेल परिवहन से जोड़कर उन्हें भरोसेमंद और किफायती माल ढुलाई का विकल्प उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि रतन ऑयल मिल्स का रेलवे से जुड़ना इस बात को दर्शाता है कि कारोबारी अब अपने उत्पादों की ढुलाई के लिए रेल परिवहन को भी एक उपयोगी विकल्प के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीमेंट के बाद बिस्किट जैसी नई कमोडिटी के जुड़ने से जम्मू मंडल की फ्रेट बास्केट और ज्यादा विविध हुई है।
रेलवे के मुताबिक, मंडल आगे भी स्थानीय व्यापारियों और उद्योगों के साथ संपर्क बढ़ाकर माल ढुलाई को विस्तार देने की दिशा में काम करता रहेगा।








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