Saturday, September 26, 2026

राष्ट्रीय

ज्ञानेश कुमार पर बढ़ा दबाव, SIR विवाद के बीच कांग्रेस का इस्तीफे पर जोर; CJP की समयसीमा खत्म

ज्ञानेश कुमार पर बढ़ा दबाव, SIR विवाद के बीच कांग्रेस का इस्तीफे पर जोर; CJP की समयसीमा खत्म

नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार का पद छोड़ना अब केवल समय की बात है और कांग्रेस इस मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।

इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से ज्ञानेश कुमार को दिया गया 48 घंटे का इस्तीफा अल्टीमेटम भी शनिवार, 26 सितंबर को समाप्त हो रहा है। पार्टी ने चेतावनी दी थी कि मांग पूरी नहीं होने पर वह देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

कांग्रेस ने कहा- आंदोलन अभी शुरुआत है

केसी वेणुगोपाल ने 25 सितंबर को देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए कांग्रेस के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि ये विरोध प्रदर्शन अभी शुरुआत हैं। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी अपना अभियान और तेज कर सकती है।

कांग्रेस का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े कई सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनके कार्यकाल में हुए फैसलों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठाई है।

कई राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन

SIR विवाद को लेकर कांग्रेस ने 25 सितंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग राज्यों में चुनाव कार्यालयों की ओर मार्च किया। कई जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका और कुछ स्थानों पर हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आईं।

कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग को प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया गया।

पवन खेड़ा ने भी साधा निशाना

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा बयान दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की अपील की और कहा कि उन्हें कथित अनियमितताओं के मामले में जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। खेड़ा ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े कई सवालों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

‘Mark VIP’ फीचर को लेकर भी विवाद

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान कुछ मतदाताओं को VIP के तौर पर चिन्हित करने की व्यवस्था की गई।

25 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में इस्तेमाल होने वाले BLO ऐप में ‘Mark VIP’ सुविधा जोड़े जाने की बात सामने आई थी। कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग से इस व्यवस्था का आधार और इस्तेमाल का पूरा प्रोटोकॉल सार्वजनिक करने की मांग की है।

वहीं, चुनावी रिकॉर्ड में पहले से ‘marked electors’ की व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। इसलिए मौजूदा ‘Mark VIP’ फीचर और पुराने नियमों के बीच अंतर को अलग-अलग समझना जरूरी है।

CJP ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम

इस विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने 24 सितंबर को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि मांग पूरी नहीं होने पर देशभर में आंदोलन किया जाएगा। CJP ने अपने अभियान को ‘Election Commission Thik Karo’ नाम दिया है।

पार्टी ने इस्तीफे के अलावा SIR को रोकने और मतदाता सूची में कथित रूप से हटाए गए नामों की बहाली जैसी मांगें भी उठाई हैं।

चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव

ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की मांगों के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हाल में सामने आई एक रिपोर्ट में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी की ओर से आयोग के कुछ फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया था। इन आपत्तियों में मतदाता पंजीकरण, नाम जोड़ने-हटाने और SIR से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए।

हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके अंतिम फैसले निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं और SIR समेत उसके निर्णयों को लेकर आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

फिलहाल कांग्रेस के देशव्यापी प्रदर्शन, CJP का अल्टीमेटम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों ने SIR विवाद को राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।

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