Monday, August 17, 2026

राष्ट्रीय

‘वंदे मातरम’ विवाद में आया नया मोड़, सोनिया गांधी को बंकिम चंद्र के वंशज का पत्र

‘वंदे मातरम’ विवाद में आया नया मोड़, सोनिया गांधी को बंकिम चंद्र के वंशज का पत्र

 

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल के नैहाटी से बीजेपी विधायक और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखा है।

सुमित्रो चटर्जी ने पत्र के जरिए घटना पर नाराजगी और दुख जताते हुए सोनिया गांधी से देशवासियों, खासकर पश्चिम बंगाल के लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की अपील की है।

वंदे मातरम के दौरान क्या हुआ?

यह विवाद 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर सोनिया गांधी के हाव-भाव पर सवाल उठाए गए।

विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रगीत के गायन को रोकने का संकेत दिया। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी वंदे मातरम को रुकवाने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने के संबंध में कह रही थीं।

बंकिम चंद्र के वंशज ने जताई नाराजगी

बीजेपी विधायक सुमित्रो चटर्जी ने अपने पत्र में पूरे घटनाक्रम को लेकर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब देश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति और मातृभूमि के सम्मान में एकजुट था, उसी दौरान कांग्रेस मुख्यालय में हुआ घटनाक्रम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा।

उन्होंने वंदे मातरम को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत बताते हुए कहा कि इस गीत ने आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों में राष्ट्रभावना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।

चटर्जी ने पत्र में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की विरासत और वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गीत से करोड़ों भारतीयों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं।

स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका का किया जिक्र

बीजेपी विधायक ने अपने पत्र में स्वतंत्रता आंदोलन के दौर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल के विभाजन के समय वंदे मातरम आंदोलनकारियों और राष्ट्रवादियों के बीच देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया था।

उन्होंने राष्ट्रवादी नेता अरविंद घोष और बिपिन चंद्र पाल के विचारों का उल्लेख करते हुए वंदे मातरम को स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जोड़ने की कोशिश की।

सोनिया गांधी से माफी की मांग

पत्र के अंत में सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी से पूरे मामले पर आत्ममंथन करने और कथित व्यवहार के लिए माफी मांगने की अपील की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत देश के कई लोगों की भावनाएं इस घटनाक्रम से आहत हुई हैं।

उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार के वंशज के तौर पर वह सोनिया गांधी से आग्रह करते हैं कि वह इस मामले को गंभीरता से लें और देशवासियों से बिना शर्त माफी मांगें।

फिलहाल वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद राजनीतिक बयानबाजी के बीच और तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस जहां लगाए गए आरोपों को खारिज कर चुकी है, वहीं बीजेपी नेता इस मुद्दे को राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़कर कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं।

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