
- सीएसआईआर और डीआरडीओ होंगे नॉलेज पार्टनर
- देश-दुनिया को हाई क्वालिटी मेडिसिन और मेडिकल डिवाइस उपलब्ध कराने का फैसला
- मेडिकल सेक्टर में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा
- सीएसआईआर की 43 और डीआरडीओ की 46 लैब्स से साइन किया एमओयू
- योगी सरकार ने देश-दुनिया में आयोजित किए 150 स्टेक होल्डर मीट
लखनऊ: हाई क्वालिटी एट एफोर्डेबल कॉस्ट पर दवाएं और मेडिकल डिवाइसेज उपलब्ध कराने के लिए ललितपुर (Lalitpur) में प्रस्तावित बल्क ड्रग्स पार्क (Bulk Drugs Park) को योगी सरकार रिसर्च (Research) और इनोवेशन (Innovation) के साथ टेक्नोलॉजी से जोड़ने पर भी ध्यान दे रही है। इसके लिए सरकार ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) जैसी भारत सरकार की बड़ी संस्थाओं को बल्क ड्रग पार्क से जोड़ते हुए उन्हें अपना नॉलेज पार्टनर बनाया है। उल्लेखनीय है कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप बल्क ड्रग्स पार्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है, ताकि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के 196 देशों को इसका लाभ मिल सके और उन्हें सस्ती दवाओं के साथ ही मेडिकल डिवाइस उपलब्ध कराए जा सकें। इसके अलावा योगी सरकार ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट वेबिनार का आयोजन कर करीब डेढ़ हजार स्टेक होल्डर के साथ एमओयू भी साइन किया है, ताकि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से प्रदेश को मेडिकल सेक्टर का हब बनाया जा सके।
रिसर्च को बढ़ावा देने को सीएसआईआर और डीआरडीओ की लैब्स से साइन किया गया एमओयू
योगी सरकार ने ललितपुर के बल्क ड्रग्स पार्क को हाईटेक बनाने के लिए देश की नामचीन रिसर्च संस्थाओं सीएसआईआर और डीआरडीओ को नॉलेज पार्टनर बनाया है। इससे मेडिकल सेक्टर में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नई प्रौद्योगिकी के माध्यम से नये इनोवेटिव डिवाइस तैयार किये जा सकेंगे, जिससे गंभीर से गंभीर बीमारियों काे जल्द डायग्नोसिस किया जा सकेगा और उनके निदान के लिए इलाज सुनिश्चित होगा। इसके तहत योगी सरकार ने सीएसआईआर की 43 और डीआरडीओ की 46 लैब्स से एमओयू साइन किया है, जहां पर सस्ती दवाओं के निर्माण के लिए रिसर्च पर काम होगा। साथ ही नॉलेज टाई-अप के लिए बायोटेक्नोलॉजी विभाग से बातचीत की जा रही है। इसके अलावा बल्क ड्रग्स पार्क को नेचर फ्रेंडली जोन बनाने के लिए अडानी गैस को पीएनजी सप्लाई पार्टनर बनाया है तो सोलर पॉवर पार्टनर के लिए टीएचडीसी को चुना गया है। लॉजिस्टिक्स पार्टनर कॉनकोर को बनाया है, जो यहां की दवाओं और मेडिकल डिवाइस को देश-दुनिया में पहुंचाने में अपना अहम रोल निभाएगा। इसके साथ ही एसटीपीआई इंडस्ट्री 4.0 को सपोर्ट करेगी ताकि पार्क में लगने वाली मेडिकल यूनिट्स को विश्व स्तर पर पहचान मिल सके। इतना ही नहीं योगी सरकार की नई फॉर्मा पॉलिसी का लाभ सभी को मिल सके, इसके लिए पॉलिसी सपोर्ट के लिए इनवेस्ट यूपी को जिम्मेदारी दी गई है।
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1505 स्टेक होल्डर ने टेक्नोलॉजी को साझा करने को किया एमओयू
वहीं योगी सरकार ने बल्क ड्रग्स पार्क में उद्यमियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए देश और विदेश के स्टेक होल्डर से एमओयू के लिए करीब 150 स्टेक होल्डर मीट का आयोजन किया। यह मीट हैदराबाद, मुंबई, जापान और अमेरिका में आयोजित की गईं। इन मीट में करीब 1505 स्टेक होल्डर ने अपनी तकनीक साझा करने के लिए एमओयू साइन किए हैं। इसके अलावा योगी सरकार ने मेडिकल सेक्टर की बैकबोन आईटी को मजबूत करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के निर्माण का भी फैसला लिया है।
Source Agency News








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