
लखनऊ: हलाल (Halal) प्रमाणित उत्पादों (Product) की बिक्री पर उत्तर प्रदेश (UP) में प्रतिबंध (Ban) के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) ने पुलिस व जिला प्रशासन के साथ संयुक्त टीमें बना कर शॉपिंग मॉल्स और दुकानों में छापेमारी करने का फैसला किया है। उधर योगी सरकार के इस कदम के बाद जमीयत उलूम ए हिंद के हलाल ट्रस्ट (Trust) ने प्रतिबंध के खिलाफ कोर्ट (Court) का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया है।
सहारनपुर में जमीयत के हलाल ट्रस्ट कार्यालय से जारी बयान में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), नियाज अहमद फारुखी ने कहा है कि हलाल लिखे उत्पादों को उत्तर प्रदेश में बिक्री से रोकना गलत हैं और वह इस मुद्दे पर अदालत का रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में हलाल व्यापार 3.5 ट्रिलियन डॉलर का है और भारत की भी इसमें खासी हिस्सेदारी है। फारुखी ने कहा कि हलाल उत्पादों के खिलाफ दुष्प्रचार और उन पर प्रतिबंध भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करेगा।
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हलाल ट्रस्ट के सीईओ ने कहा कि वो सरकारी नियमों का पालन करते हैं और वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हलाल ट्रस्ट नें राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) का पंजीकरण प्राप्त किया है जो कि इस तरह का सर्टिफिकेट जारी करने के लिए जरुरी है। हलाल ट्रस्ट की ओर से जारी किए जाने वाले सर्टिफिकेट को दुनिया भर में कई देशों की सरकारें मान्यता देती हैं।
मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया व सऊदी अरब जैसे देशों ने हलाल ट्रस्ट के सर्टिफिकेट को मान्य दी है। उनका कहना है कि ट्रस्ट विश्व हलाल खाद्य परिषद का सदस्य भी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हलाल सर्टिफिकेट वाले खाद्य उत्पादों की प्रदेश में बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इस तरह का सर्टिफिकेशन अवैध है और इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियां संचालित करने के लिए हो रहा है। राजधानी लखनऊ में हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिन्द हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत उलेमा महाराष्ट्र मुंबई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गयी है।
सरकार के प्रतिबंध के आदेश के बाद एफडीए, पुलिस व जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने हलाल सर्टिफाइड उत्पादों को लेकर तलाशी अभियान चलाने का फैसला किया है। वहीं शनिवार को प्रतिबंध जारी होने के बाद अब शापिंग म़ॉल्स, दुकानों आदि से इन उत्पादों को हटाया जाने लगा है।
Source Agency News





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