Thursday, May 14, 2026

उत्तर प्रदेश

Chitrakoot में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान तेज, अधिकारियों ने लिया विशेष वेबिनार में हिस्सा

Chitrakoot में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान तेज, अधिकारियों ने लिया विशेष वेबिनार में हिस्सा

Chitrakoot में शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शहरी एवं आवासन मंत्रालय की ओर से एक विशेष वेबिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मकसद नगर निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूक और संवेदनशील बनाना था।

जिलाधिकारी Pulkit Garg के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी Arun Kumar ने एनआईसी कक्ष से इस वेबिनार में हिस्सा लिया। उनके साथ विभिन्न नगर निकायों और प्रशासनिक विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

कचरा पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण पर जोर

वेबिनार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें घर-घर कूड़ा संग्रहण, स्रोत स्तर पर गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रह, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण जैसे विषय शामिल रहे।

अधिकारियों को स्वच्छता कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम आधारित तरीके से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। साथ ही नगर निकायों को आधुनिक स्वच्छता प्रणाली अपनाने और स्थानीय स्तर पर बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित करने की सलाह दी गई।

जनभागीदारी को बताया सबसे अहम

अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि जिले में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी विभागों और नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने लोगों को कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने और स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार कार्य करने पर विशेष बल दिया।

वेबिनार के दौरान यह भी बताया गया कि स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने में आम नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता के बिना स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किए जा सकते।

जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश

नगर निकायों को निर्देश दिए गए कि वे घर-घर संपर्क अभियान, सामुदायिक कार्यक्रमों और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अभियानों से जोड़ें। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और सतत स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर निरंतर अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन का मानना है कि अगर नागरिक और नगर निकाय मिलकर काम करें, तो शहर को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।

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