Wednesday, March 25, 2026

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Dhananjay Singh | बाहुबली धनंजय सिंह की बदली गई जेल, जौनपुर से बरेली जेल ले जाया गया |

Dhananjay Singh | बाहुबली धनंजय सिंह की बदली गई जेल, जौनपुर से बरेली जेल ले जाया गया |

MP Dhananjay Singh

धनंजय सिंह ( फाइल फोटो)

जौनपुर: अपहरण और रंगदारी के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद जौनपुर जेल में निरुद्ध पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) को शनिवार को बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। धनंजय सिंह की पत्नी और जौनपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीकला रेड्डी जौनपुर संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (BSP) की उम्मीदवार हैं। धनंजय सिंह छह मार्च से जौनपुर के जिला कारागार में बंद थे। रंगदारी और अपहरण के एक मामले में जिले की एक अदालत ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई है।

जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि शासन के आदेश का अनुपालन करते हुए सिंह को शनिवार को सुबह आठ बजे जौनपुर जिला कारागार से बरेली जेल ले जाया गया। जौनपुर की जिला अदालत के न्यायाधीश शरद चंद्र त्रिपाठी ने धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी के मामले में सात वर्ष की सजा सुनाई थी। वादी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को जिले के लाइन बाजार थाने में सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ अपहरण और रंगदारी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

सूत्रों ने बताया कि धनंजय सिंह जेल के अंदर से चुनाव को कथित रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे और शासन ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए उन्हें बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने बताया कि जिले के एक विधायक ने शासन को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि पूर्व सांसद क्षेत्र के लोगों को जेल में बुलाकर उन पर चुनाव में श्रीकला को समर्थन देने का दबाव डाल रहे हैं और ऐसे में उनका जिला जेल जौनपुर में रहना न्याय संगत नहीं है। सूत्रों ने बताया कि विधायक की बात को शासन ने संज्ञान में लेते हुए यह कार्रवाई की है। जौनपुर जिले से दो बार विधानसभा सदस्य रह चुके धनंजय सिंह (48) ने 2009 में बहुजन समाज पार्टी से लोकसभा का चुनाव जीता लेकिन उसके बाद उन्हें सफलता नहीं मिली।

कौन है धनंजय सिंह

धनंजय सिंह का जन्म 16 जुलाई 1975 को हुआ था। बाहुबली धनंजय सिंह ने अपनी पढ़ाई जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से की। 15 साल की उम्र में धनंजय सिंह पर हत्या का गंभीर आरोप लगा। हालांकि इस हत्या का धनंजय के खिलाफ पुलिस के पास कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा। इसके बाद धनंजय सिंह एक आम लड़के से दबंग बन गया। क्षेत्र में इनकी तूती बोलने लगी और फिर धनंजय ने राजनीति में कदम रखा और साल 2002 में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की। वहीं साल 2007 में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट से लड़कर विधायक बने और 2009 बीएसपी लोकसभा का चुनाव लड़कर सांसद बने।

Source Agency News

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