
मृतक दद्दन यादव का परिवार ( सौजन्य : ट्विटर )
कानपुर के देवरिया में पुलिस की कारवाई के दौरान पिटाई करने से एक युवक की जान चली गई। कारवाई करने वाले दारोगा और साथी पुलिसकर्मियों पर युवक की दरिंदगी से हत्या करने का केस दर्ज किया गया है।
देवरिया : देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र स्थित सतराव चौकी में तैनात एक दारोगा तथा उसके साथी पुलिसकर्मियों की कथित पिटाई से एक युवक की मौत हो गई। इस मामले में दारोगा तथा साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पिटाई किए जाने का मामला
पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने मंगलवार रात को बताया कि सतराव पुलिस चौकी पर तैनात दारोगा वीरेंद्र कुशवाहा और उसके कुछ साथी पुलिसकर्मियों द्वारा सतराव गांव निवासी दद्दन यादव (32) की सोमवार को कथित रूप से पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है।
इलाज के दौरान मौत
उन्होंने बताया कि परिजनों का आरोप है कि पिटाई से दद्दन यादव की हालत नाजुक हो गई। शर्मा ने कहा कि गंभीर रूप से घायल हालत में उसे स्थानीय स्वास्थ केंद्र ले जाया गया जहां से नाजुक हालत को देखते हुए उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया भेज दिया और मंगलवार रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि किसी पूर्व विवाद को लेकर कुशवाहा ने यादव की पिटाई की थी।
हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक के परिजन की तहरीर पर दारोगा वीरेंद्र कुशवाहा और उसके अज्ञात साथी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मंगलवार देर रात हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी दारोगा की तलाश की जा रही है।
अखिलेश यादव का ‘एक्स’ पर पोस्ट
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मृतक के परिजन को कम से कम पांच करोड़ रुपए की सहायता दिए जाने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “भाजपा के राज में पुलिस प्रशासन के अंदर कुछ भ्रष्ट लोगों को ऐसा लगने लगा है कि वो कुछ भी अवैधानिक करेंगे तो उनके भाजपाई आका उनको बचा लेंगे। चुनाव में जनता इस ग़लतफ़हमी को दूर कर रही है। सरेआम अत्याचार, लोगों से जानलेवा मारपीट, हिरासत में मौत, झूठे एन्काउंटर, बढ़ती वसूली जैसे मुद्दों ने भाजपा के काल में पुलिस को बेलगाम बना दिया है।” उन्होंने कहा, “देवरिया की दोषी पुलिस के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो और मृतक के परिवार को कम-से-कम पांच करोड़ का मुआवज़ा दिया जाए।”
भाजपा के राज में पुलिस प्रशासन के अंदर कुछ भ्रष्ट लोगों को ऐसा लगने लगा है कि वो कुछ भी अवैधानिक करेंगे तो उनके भाजपाई आका उनको बचा लेंगे। चुनावों में जनता इस ग़लतफ़हमी को दूर कर रही है। सरेआम अत्याचार, जनता से जानलेवा मारपीट, हिरासत में मौत, झूठे एन्काउंटर, बढ़ती वसूली जैसे… pic.twitter.com/uLxmb1ktL3
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 21, 2024
एजेंसी
Source Agency News







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