
अदालत का फैसला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा में समय से फ्लैट मुहैया नहीं कराने पर बिल्डर के पास जमा रकम को दो माह में वसूली कराने का डीएम को आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम की खंडपीठ ने हृदय राम चौधरी की ओर से दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए पारित किया है।
अधिवक्ता सुनील चौधरी की दलील थी कि याची लखनऊ में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान उसने नई दिल्ली की उत्तम स्टील एंड एसोसिएट्स ग्रेटर नोएडा व सहयोगी अंसल हाईटेक टाउनशिप लिमिटेड से फ्लैट बुक कराया था। इसके एवज में बिल्डर संग इकरारनामे के मुताबिक 2009 में याची को फ्लैट मिल जाना चाहिए था। लेकिन, बिल्डर ने न तय समय में फ्लैट मुहैया कराया और न ही बुकिंग की मद में जमा रुपये वापस किए।
याची ने गौतम बुद्ध नगर स्थित उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनायक प्राधिकरण (रेरा) के समक्ष अर्जी दाखिल की थी, जिस पर प्राधिकारी ने वर्ष 2020 में बिल्डर कंपनी को याची के जमा 19,36,715 मय ब्याज वापस करने का आदेश दिया था। लेकिन, कंपनी ने याची की मात्र 79,566 रुपये ही वापस किए। शेष राशि के लिए याची बिल्डर के कार्यालय का चक्कर काट रहा है। कोर्ट ने मामले को निस्तारित करते हुए गौतम बुद्ध नगर के डीएम को मामले का संज्ञान लेते हुए बिल्डर कंपनी से दो माह में बकाया रकम वसूलने या फिर दो माह में सकारण आदेश पारित करने का आदेश दिया है।
source Agency News







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