मेंहदावल नगर पंचायत क्षेत्र में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जहां एक व्यवसायी के जीएसटी और इनकम टैक्स लॉगिन का गलत इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये के फर्जी बिल तैयार किए गए। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौदरी मोहल्ला निवासी व्यवसायी सुजीत गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने व्यापार से जुड़े कर संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी अर्पित कुमार को सौंपी थी। आरोप है कि अर्पित ने भरोसे का फायदा उठाते हुए ‘एसके इंटरप्राइजेज’ के नाम पर कई कंपनियों के लिए फर्जी बिक्री बिल तैयार कर दिए।
शिकायत के अनुसार, इन फर्जी बिलों का कुल लेन-देन 23 करोड़ 76 लाख 103.39 रुपये दर्शाया गया, जिसमें 45 लाख 29 हजार 048 रुपये का जीएसटी भी शामिल है। इस तरह कुल इनवॉइस राशि लगभग 28 करोड़ 90 लाख 151.60 रुपये तक पहुंच गई। इस फर्जीवाड़े से व्यवसायी को गंभीर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कानूनी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी बिलों में कई अन्य फर्मों के नाम जोड़े गए, जिनसे पीड़ित का कोई वास्तविक व्यापारिक संबंध नहीं था। इसके अलावा कुछ कंपनियों से फर्जी खरीद भी दिखाई गई, जबकि ऐसे किसी लेन-देन का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
पीड़ित के अनुसार, सितंबर 2025 में विभागीय जांच के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। जब आरोपी से इस संबंध में जवाब मांगा गया, तो वह स्पष्ट जानकारी देने से बचता रहा। बाद में यह भी पता चला कि पोर्टल के लॉगिन पासवर्ड और ईमेल आईडी को ओटीपी के जरिए बदल दिया गया था।
साथ ही, 10 सितंबर 2025 को दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में संदिग्ध आईपी एड्रेस का उपयोग भी सामने आया है, जिससे मामले में साइबर धोखाधड़ी की आशंका और गहरा गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लॉगिन डिटेल, आईपी एड्रेस और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








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