West Bengal में मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने दावा किया है कि राज्य के मदरसा शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश में मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान राष्ट्रीय गीत गाने को अनिवार्य किया गया है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले राज्य के स्कूलों में भी ‘वंदे मातरम्’ के सभी अंतरे गाने को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। इस मुद्दे पर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
Suvendu Adhikari ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान सभी शिक्षण संस्थानों में होना चाहिए और इसे उचित सम्मान के साथ गाया जाना जरूरी है। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय बताया।
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का बयान
Pradeep Bhandari ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के मदरसों में इसे सुबह की प्रार्थना के दौरान अनिवार्य रूप से गाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कई नेताओं की चुप्पी सवाल खड़े करती है। साथ ही उन्होंने पूर्व की नीतियों को तुष्टीकरण की राजनीति से जोड़ते हुए आलोचना की।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक ओर BJP इसे राष्ट्रभक्ति से जुड़ा फैसला बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर देख रहा है। फिलहाल इस मामले पर अलग-अलग दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।







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