देश में हाल ही में चर्चा में आई विभिन्न राजनीतिक पहलों के बीच अब एक नई पार्टी ने लोगों का ध्यान खींचा है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश Markandey Katju ने ‘इश्क करो पार्टी’ (आईकेपी) नामक संगठन की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह पहल केवल नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास है।
पार्टी की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि कई लोग इसके नाम को देखकर इसे मजाक या केवल प्रेम-प्रसंगों से जोड़कर देख सकते हैं, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करना है। उनके अनुसार गरीबी, बेरोजगारी, कुपोषण और सामाजिक विभाजन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए लोगों के बीच भरोसा और एकजुटता आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में जाति, धर्म, भाषा और अन्य पहचान के आधार पर होने वाले भेदभाव को कम करना समय की जरूरत है। उनका मानना है कि जब नागरिक एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सद्भाव की भावना रखेंगे, तभी बड़े सामाजिक बदलाव संभव हो सकेंगे।
नई पार्टी की घोषणा के साथ उन्होंने कुछ सार्वजनिक हस्तियों को भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया है। इसी क्रम में Mahua Moitra का नाम भी चर्चा में आया है।
इस दौरान उन्होंने हाल में चर्चा में रहे कुछ अन्य राजनीतिक अभियानों और संगठनों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि केवल व्यक्तियों के इस्तीफे की मांग करने से व्यवस्था की मूल समस्याएं समाप्त नहीं होतीं। उनके अनुसार जरूरी यह है कि नीतियों और संस्थागत सुधारों पर व्यापक चर्चा हो।
‘इश्क करो पार्टी’ के समर्थकों का दावा है कि इसका मुख्य संदेश समाज में संवाद, भाईचारे और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। वहीं आलोचकों का मानना है कि पार्टी को अपने उद्देश्यों और कार्ययोजना को और स्पष्ट करना होगा ताकि लोग इसके राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को बेहतर ढंग से समझ सकें।
फिलहाल इस नई पहल को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संगठन केवल एक वैचारिक अभियान बनकर रहता है या फिर सक्रिय राजनीतिक भूमिका भी निभाता है।









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