चित्रकूट में धार्मिक जगत से जुड़े एक विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। Jagadguru Rambhadracharya ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने एक पूर्व शिष्य द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हालिया बयानों से उन्हें चिंता और पीड़ा हुई है तथा उन्हें आशंका है कि उनकी और उनके घोषित उत्तराधिकारी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वे वर्षों से धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं तथा सदैव अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। उनके अनुसार, हाल में लगाए गए आरोपों और सार्वजनिक बयानों से ऐसा प्रतीत होता है कि किसी प्रकार की साजिश के तहत उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जानकारियां सामने आने के बाद उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा और संस्थान की सुरक्षा को लेकर चिंता महसूस हो रही है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की।
यह विवाद तब चर्चा में आया जब Ashutosh Brahmachari ने एक वीडियो जारी कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि संस्थान से जुड़े कुछ मामलों की गहन पड़ताल की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराधिकार, संपत्ति प्रबंधन और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए।
दूसरी ओर, रामभद्राचार्य ने इन आरोपों को अपनी और अपने उत्तराधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में तथ्यों की जांच आवश्यक है और बिना प्रमाण किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अभी तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी भी दावे पर आधिकारिक जांच या न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे प्रकरण पर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।







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