जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने एक संदिग्ध ड्रोन को निष्क्रिय कर संभावित जासूसी की कोशिश को विफल कर दिया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, ड्रोन भारतीय सैन्य ठिकानों के निकट उड़ान भरता हुआ देखा गया था, जिसके बाद सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरा दिया।
सैन्य क्षेत्र के पास दिखा संदिग्ध ड्रोन
जानकारी के अनुसार, यह ड्रोन जम्मू के खौड़ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के नजदीक देखा गया। सुरक्षा बलों ने इसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए त्वरित कार्रवाई की और ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई।
जांच एजेंसियों ने शुरू की तकनीकी पड़ताल
बरामद ड्रोन को विस्तृत तकनीकी और फोरेंसिक जांच के लिए संबंधित एजेंसियों के पास भेजा गया है। शुरुआती जांच में ड्रोन के साथ एक 65 जीबी का मेमोरी कार्ड और बैटरियां भी मिली हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि इनसे ड्रोन के मिशन और उसके संचालन से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है।
ड्रोन पर मिले कुछ शुरुआती संकेत
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ड्रोन पर विदेशी निर्माण से जुड़े निशान मिले हैं। हालांकि इसकी वास्तविक उत्पत्ति, इस्तेमाल की गई तकनीक और इसे संचालित करने वालों के बारे में अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
लगातार बढ़ रही ड्रोन गतिविधियां
पिछले कुछ महीनों में नियंत्रण रेखा के आसपास संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों के कई मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पार से निगरानी, सैन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने या अन्य खुफिया उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल जांच एजेंसियां ड्रोन के मेमोरी कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विश्लेषण कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि ड्रोन कहां से संचालित किया गया, उसका उद्देश्य क्या था और उसके पीछे कौन लोग या नेटवर्क सक्रिय थे। सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच जारी रखी है।







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