Saturday, July 18, 2026

अंतर्राष्ट्रीय

मध्य पूर्व में फिर भड़का तनाव, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा

मध्य पूर्व में फिर भड़का तनाव, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा

मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर ईरान में हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस घटनाक्रम में कई लोगों की मौत और घायल होने की सूचना है, हालांकि स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

बताया जा रहा है कि जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। इसके बावजूद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है। फिलहाल अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसके हमलों में अमेरिकी रीफ्यूलिंग विमान और लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचा है। साथ ही संगठन ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की अपील भी की। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है।

इसी दौरान सीरिया और इराक के कुछ इलाकों में भी विस्फोटों की खबरें आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सीरिया के अल-तनफ क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

उत्तरी इराक के इरबिल और सुलेमानिया क्षेत्रों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन हमलों का संभावित लक्ष्य ईरानी कुर्द संगठन ‘कोमाला’ हो सकता है। इस घटना में कई लोगों के हताहत होने की सूचना है, जबकि ईरान ने तत्काल इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने जानकारी दी है कि उसने सीरिया, जॉर्डन और इराक की सीमाओं के संगम पर स्थित अल-तनफ सैन्य अड्डे से अपने सैनिकों को हटाया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उठाया गया बताया जा रहा है।

इस बीच सीरिया ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय संघर्ष से दूर रहना चाहता है और तभी प्रतिक्रिया देगा जब उसके खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई होगी। वहीं ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना सख्त रुख दोहराते हुए संकेत दिया है कि यदि सैन्य तनाव जारी रहा तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।

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