श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादी हमले में एक पुलिसकर्मी की शहादत के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे कश्मीर घाटी में बड़े स्तर पर तलाशी और कार्रवाई अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों को लॉजिस्टिक और अन्य सहायता पहुंचाने के संदेह में अब तक 1,000 से अधिक ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने घाटी के सभी 10 जिलों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई स्थानों पर छापेमारी की गई और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विशेष रूप से अनंतनाग जिले में अभियान को और तेज कर दिया गया है ताकि हमले में शामिल आतंकियों और उनके सहयोगियों तक जल्द पहुंचा जा सके।
बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे अनंतनाग के लाल चौक क्षेत्र में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन पर एक आतंकवादी ने नजदीक से गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई और हमलावर की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जो लगातार जारी है।
हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने शहीद पुलिसकर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रहेगी।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात और कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) वीके बिर्दी ने घटनास्थल का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर तैनात सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि घाटी में आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने और आतंकियों के सहयोगी तंत्र पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।







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