नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। पिछले 24 घंटों में सरकार ने जांच, प्रशासनिक सुधार और कानूनी कार्रवाई से जुड़े कई फैसलों की जानकारी दी है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की तैयारी
सरकार ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की तैयारी शुरू की है। इसका उद्देश्य आरोपियों के खिलाफ मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित करना और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करना है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की योजना
केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य भविष्य में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
प्रशासनिक स्तर पर बदलाव
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शिक्षा सचिव के पद पर बदलाव किया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में जवाबदेही तय करते हुए 47 अधिकारियों को उनके पदों से हटाने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रुख
सरकार ने कहा है कि पेपर लीक मामले को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, उन परिवारों के लिए सहायता और मुआवजे की घोषणा भी की गई है, जिनके परिजनों की मौत कथित तौर पर इस मामले से जुड़े तनाव के कारण हुई।
पेपर लीक मामलों की जांच के लिए STF का गठन
दिल्ली पुलिस ने भर्ती परीक्षाओं और पेपर लीक मामलों की जांच के लिए एक विशेष स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित की है। यह इकाई पब्लिक एग्जामिनेशन (अनफेयर मीन्स की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत काम करेगी।
नई STF यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती, आईबीपीएस, एनटीए और केंद्र सरकार की अन्य अधिसूचित परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक एवं अनियमितताओं की जांच करेगी। इसका उद्देश्य जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पेशेवर और समयबद्ध बनाना है।
जांच और अभियोजन पर विशेष निगरानी
अधिकारियों के अनुसार, STF विभिन्न जांच और अभियोजन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों की तेजी से जांच और अदालतों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करेगी। इस इकाई का संचालन क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में छात्रों का भरोसा मजबूत करना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।







Visit Today : 25
Total Visit : 276228
Hits Today : 108
Total Hits : 688720
Who's Online : 1