जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) और सांबा जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास सेना, बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक तलाशी अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्रोन के जरिए किसी प्रकार के हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामग्री की तस्करी न हुई हो।
जानकारी के अनुसार, सांबा जिले के नंदपुर क्षेत्र और राजौरी के नौशेरा सेक्टर के तरकुंडी-साज इलाके में रात के समय संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी गई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी और सुबह से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। जवानों ने आसपास के खेतों, जंगलों और संवेदनशील स्थानों की गहन तलाशी ली।
अधिकारियों के मुताबिक, देर शाम तक चले अभियान में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई और न ही किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।
हाल के दिनों में सीमा पार से ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों, नशीले पदार्थों या अन्य प्रतिबंधित सामान की तस्करी तथा घुसपैठ की कोशिशों के लिए किया जा सकता है। इसी कारण सांबा, कठुआ और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एंटी-ड्रोन सिस्टम और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
इस बीच राजौरी जिले के कयान गांव में किसानों को खेत में 51 एमएम का एक मोर्टार शेल मिला। सूचना मिलते ही सेना और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मोर्टार शेल को कब्जे में लिया गया और बाद में नियंत्रित विस्फोट के जरिए सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार गश्त, निगरानी और तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। सीमा पर हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।









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