Wednesday, August 19, 2026

अंतर्राष्ट्रीय

ईरान बोला- वार्ता के लिए अमेरिका बेताब, ट्रंप ने साफ किया अपना रुख

ईरान बोला- वार्ता के लिए अमेरिका बेताब, ट्रंप ने साफ किया अपना रुख

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच दोनों देशों की ओर से बातचीत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ईरान की शर्तों पर बातचीत के लिए अनुरोध कर रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है।

‘ईरान सरेंडर नहीं करेगा’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध के दौरान ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन ईरान ने ऐसा नहीं किया। उनका दावा है कि अब अमेरिका ईरान की शर्तों के आधार पर बातचीत की कोशिश कर रहा है।

अराघची ने एक समझौता ज्ञापन का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें ईरान के हित में 13 प्रावधान थे, जबकि अमेरिका के पक्ष में केवल एक प्रावधान रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते को लागू होने से रोकने के लिए इजरायल की ओर से हर संभव प्रयास किया गया।

युद्ध और कूटनीति दोनों में जीत का दावा

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश ने युद्ध के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, ईरान की कूटनीतिक स्थिति को उसकी सैन्य क्षमता और युद्धक्षेत्र में प्रदर्शन से मजबूती मिली।

अराघची का कहना है कि ईरान ने विरोधी पक्षों को अपनी शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया और बातचीत में उसकी स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है।

ट्रंप ने बातचीत से किया इनकार

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किसी बातचीत की खबरों को खारिज किया। ट्रंप ने 18 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर कहा कि इस समय ईरान के साथ न तो कोई बातचीत चल रही है और न ही किसी वार्ता का कार्यक्रम तय है।

ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई का भी उल्लेख किया और दावा किया कि ईरान की समुद्री नाकेबंदी प्रभावी तरीके से लागू है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है और सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने समुद्री क्षेत्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को लेकर भी दावा किया कि उन्हें हटा दिया गया है या विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया है।

इस तरह ईरान और अमेरिका के बयानों में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। ईरान जहां अपनी सैन्य और कूटनीतिक स्थिति को मजबूत बताते हुए अमेरिकी दबाव को नकार रहा है, वहीं ट्रंप प्रशासन बातचीत होने की बात से इनकार कर रहा है।

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