
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर में रामलला (Ramlala) के प्राण प्रतिष्ठा (Pran Pratishtha) की तिथि 22 जनवरी निर्धारित है और इसके लिए देशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी भी काफी तेजी से चल रही है। इसके अलावा अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के समय इकठ्ठा होने वाली भीड़ की सुविधाओं के साथ ही देश भर से श्रद्धालु प्राण प्रतिष्ठा के समय कम से कम अयोध्या पहुंचें इसके लिए भी व्यापक प्रबंध की तैयारी है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के समय देश भर के 05 लाख से अधिक मंदिरों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम के आमंत्रण के लिए “पूजित अक्षत” रविवार को देश भर के 45 प्रांतों से अयोध्या पधारे प्रत्येक पदाधिकारी को एक धातु के घड़े में 5:25 किलोग्राम अक्षत देकर रवाना किया गया। जहां से जिले की टीम से मंडलों ऑर ब्लॉकों से होता हुआ अक्षत गांव के मंदिरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान शुरू हो जाएगा। राम मंदिर में “अक्षत पूजन” यह पहला अनुष्ठान होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार ट्रस्ट ने इसके लिए पूरे देश को कुल 45 प्रांतों में विभाजित किया है।
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि अवध क्षेत्र की वर्षों से चली आ रही परंपरा में किसी शुभ कार्य के निमंत्रण के लिए चावल को हल्दी, कुमकुम में रंग कर दिया जाता है जिसे “अक्षत” कहा जाता है। 5 नवंबर दिन रविवार को अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अनुष्ठान का श्रीगणेश हुआ। “अक्षत पूजन” प्राण प्रतिष्ठा को लेकर यह पहला अनुष्ठान है।
इस “पूजित अक्षत” कलश के साथ एक निवेदन पत्रक भी देश के 05 लाख गाँवों में भेजा जा रहा है। पत्रक में श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर संरचना की जानकारी देने के साथ ही 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के समय अपने-अपने स्थानों से पूजन करने और शाम को दीपोत्सव मनाने की अपील की गयी है। इसके अलावा प्राण प्रतिष्ठा के बाद सपरिवार दर्शन की भी अपील की गयी है।
प्राण प्रतिष्ठा के समय अयोध्या में श्रद्धालुओं भीड़ कम करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने करीब हर गांव और कस्बों के मंदिरों में टेलीविजन स्क्रीन लगाने की व्यवस्था की है। जोकि लाइव टीवी स्क्रीन पर राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह को देख सकेंगे। इसके अलावा जन्मभूमि पथ पर “यात्री सुविधा केंद्र” के निर्माण कार्य का भी भूमि पूजन हुआ। रामलला दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होगा इसका निर्मित क्षेत्रफल 18000 वर्ग फीट होगा। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह के सुरक्षा जांच से नहीं गुजरना होगा। जबकि श्रीराम जन्मभूमि परिसर में बन रहे यात्री सुविधा केंद्र तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में निर्माणाधीन श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र में प्राथमिक स्वास्थ्य, रेल आरक्षण केंद्र के अलावा पेयजल, शौचालय व विश्राम आदि की व्यवस्था होगी। श्रद्धालुओं को आरती दर्शन के पास के साथ ही निशुल्क व्हीलचेयर की भी सुविधा यहाँ उपलब्ध होगी। बताया यह भी जा रहा है कि निर्माणाधीन भव्य राम मंदिर में रामलला को संगमरमर के स्वर्ण जड़ित आठ फीट ऊंचे ‘सिंहासन’ पर विराजमान किया जाएगा। राजस्थान के कारीगरों द्वारा तैयार किये जा रहे इस सिंहासन को 15 दिसंबर तक अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है।
Source Agency News








Visit Today : 134
Total Visit : 284326
Hits Today : 445
Total Hits : 734200
Who's Online : 1