Thursday, February 05, 2026

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Seventh Deepotsav | सातवें दीपोत्सव में अयोध्या में दिखेगी त्रेता युग की झलक, 11 नवंबर के लिए जोरों पर तैयारी |

Seventh Deepotsav | सातवें दीपोत्सव में अयोध्या में दिखेगी त्रेता युग की झलक, 11 नवंबर के लिए जोरों पर तैयारी |

Treta Yug, Ayodhya, Seventh Deepotsav

सांकेतिक तस्वीर

अयोध्या: अयोध्या (Ayodhya) के दिव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान से पहले “अक्षत पूजन” का प्रथम अनुष्ठान संपन्न होने के बाद अब सातवें दीपोत्सव (Seventh Deepotsav) की तैयारी जोरों पर है। दीपोत्सव में ही प्राण प्रतिष्ठा की झलक दिखे इसको लेकर पूरी तैयारी की जा रही है और बताया जा रहा है कि इस सातवें दीपोत्सव की भव्यता त्रेता युग (Treta Yug) में प्रभु राम के लंका विजय कर अयोध्या लौटने जैसी होगी। अयोध्या में यह दीपोत्सव कार्यक्रम 11 नवम्बर को होना है।

भगवान राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने से पहले त्रेता युग की तरह सज रही अयोध्या में जहां 24 लाख दिए जलाने की तैयारी है तो पवित्र सरयू के 51 घाट विभिन्न रोशनियों से जगमग हैं। वहीं देश-विदेश के 300 से ज्यादा कलाकारों के द्वारा भगवान राम के चरित्र की प्रस्तुति तथा लेजर शो से राम की पैड़ी को जगमगा दिया गया है।

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इसके अलावा कई देशों की रामलीला के मंचन के साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाने हैं। अधिकारियों के अनुसार इस भव्य दीपोत्सव की लगभग सभी तैयारी पूरी की जा चुकी है। पूरी राम की नगरी को त्रेता युग की नगरी के तौर पर सजाया जा रहा है। सड़क चौराहे कुंड, मठ-मंदिर पर आकर्षक लाइट लगाई जा रही है।

51 घाटों पर 21 लाख से अधिक दीयों को जलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित होने जा रहा है। प्रभु राम की नगरी अयोध्या में होने जा रहे इस सातवें दीपोत्सव की खासियत यह होगी कि इन दीयों के माध्यम से राम मंदिर और भगवान की आकृति अद्भुत दिखेगी। इन दीपकों को जलाने के लिए 25000 वॉलिंटियर लगाए जाएंगे तो करीब एक लाख लीटर सरसों का तेल इसमें प्रयोग होगा।

इन दीपकों के बीच फाइन आर्ट के छात्र राम जन्मभूमि मंदिर और श्री राम की आकृति डिजाइन तैयार करेंगे। इन्हीं डिजाइनों को दीपक से इस तरह सजाया जाएगा की दीपक जलने के बाद मंदिर और श्रीराम दोनों दिखाई देंगे और यह सबसे बड़ा आकर्षण होने वाला है। इस दीपोत्सव के मौके पर विश्व की सबसे बड़े स्क्रीन पर लेजर शो और सरयू की जलधारा में वाटर लाइटिंग श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगा।

दीपोत्सव को भव्य रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश के पर्यटन, सूचना और संस्‍कृति विभाग के आलावा राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी पूरी तैयारी में जुटे हैं। यूपी के सूचना विभाग राम कथा पर आधारित उसके सभी प्रसंगों को जोड़ते हुए झांकियों का रथ तैयार कर रहा है। इसमें अहम् यह है कि इन्हें तैयार करने में करीब एक दर्जन अनुभवी मुस्लिम कारीगर पूरे शिद्दत से जुटे हैं।

सूचना विभाग की 11 झांकियां तथा 7 झांकियां पर्यटन विभाग द्वारा श्री राम कथा आधारित तैयार की जा रही हैं। वहीं पवित्र सरयू का वाटर शो भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।  अधिकारियों के मुताबिक दीपोत्सव के बाद आगामी 5 वर्षों तक अयोध्या में ऐसे ही वॉटर शो का आयोजन रोजाना होगा।

दीपोत्सव के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों व राम की लीला को प्रस्तुत करने के लिए संस्‍कृति विभाग को 151 लाख रुपये सरकार से दिया जा चुका है। अयोध्या शोध संस्थान के डायरेक्टर के अनुसार संस्कृति विभाग द्वारा इस बार भव्य और सत्य दीपोत्सव का आयोजन किया जायेगा। जिसमें विदेशी रामलीलाओं के अलावा देश के 22 प्रांतों के सांस्कृतिक दल कार्यक्रम पेश करेंगे। इसके लिए रूस, श्रीलंका, नेपाल की रामलीलाओं से जुड़े करीब 300 कलाकार तो 22 प्रांतों के 1500 लोक कलाकार राम कथा पेश करने के लिए अयोध्या में होंगे।

Source Agency News

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