
प्रतीकात्मक तस्वीर
- केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर स्मार्ट सिटी में लगाए गए प्रोजेक्ट
बरेली: योगी सरकार अयोध्या की तर्ज पर बरेली के 17 सरकारी कार्यालयों को सौर ऊर्जा से रोशन कर रही है। इन विभागों का बिजली बिल कम हुआ है। इसके लिए अब बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारी 17 विभागों के बिलों का आंकलन करने में लगे हैं। अभी तक जो रिपोर्ट सामने आई है उसके मुताबिक तमाम कार्यालयों के बिजली बिल काफी कम हो गए हैं। किस विभाग की टेंशन बिजली बिल को लेकर कितनी कम हुई इसकी रिपोर्ट तैयार हो रही है।
प्रदेश में अयोध्या को पहले ही सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली को भी इसी तर्ज पर डेवलप किया। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में सोलर ट्री से स्ट्रीट लाइटें जगमग की गई। पार्किंग व पर्यटन स्थल, बस व रेलवे स्टेशन भी सौर ऊर्जा से जगमग हुए। मुख्य मार्ग, शौचालय, नगर निगम समेत अन्य 17 विभागों के दफ्तर सौर ऊर्जा से जगमग किए। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत नगर निगम, कलक्ट्रेट और कमिश्नरी में सोलर ट्री बनाकर पहले से ही सोलर लाइटें लगाई गई। उद्देश्य यह भी था कि नगर निगम समेत अन्य विभागों का बिजली खर्च भी बचाया जाए।
150 से 600 किलोवाट तक के पैनल लगेंगे
प्रोजेक्ट के तहत 150 से 600 किलोवॉट तक के पैनल लगाए। इन पैनलों को बिजली विभाग की ओर से तैयार किए गए सबस्टेशनों से जोड़ा। वहां से बिजली ग्रिड को पहुंचाई जाएगी। ग्रिड से वही बिजली वापस शहर की स्ट्रीट लाइटों को दी गई। इससे सरकारी विभागों के बिजली बिल कम हो गए।
निधि गुप्ता वत्स, सीईओ बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी
सोलर रूफटॉप 17 सरकारी बिल्डिंगों पर लगाए गए। इससे बिजली खपत कम हुई। जिस विभाग का बिजली बिल कम हुआ इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी विभागों को पत्र भेजा गया है।
Source Agency News







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