
लखनऊ: राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अब तक 45 दिनों में दो करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या में दर्शन किए हैं। इस अवधि में मंदिर को 50 करोड़ से अधिक का चढ़ावा भी मिला है। मंदिर उद्घाटन के बाद अगले महीने पड़ने वाले पहले राम नवमी के पर्व को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विशेष तैयारियां कर रही है।
रामनवमी और चैत्र नवरात्रि के दिनों में अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए सामान्य दिनों की अपेक्षा की गुना लोगों की भीड़ उमड़ने का अंदेशा है जिला प्रशासन सहित मंदिर ट्रस्ट का अनुमान रामनवमी मेले के तीन दिनों में 50 लोगों की भीड़ आने का है। रामनवमी की श्रद्धालुओं की भारी आमद की संभावना के चलते तीन दिनों के लिए राम मंदिर में 24 घंटे दर्शन की व्यववस्था की जाएगी।
मंदिर ट्रस्ट ने चैत्र नवरात्र की अष्टमी, नवमी और दशमी को 24 घंटे दर्शन करवाने की योजना बनाई है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक इन तीन दिनों में केवल पूजन-भोग के लिए थोड़ी देर मंदिर के कपाट बंद किए जाएगा बाकी पूरे समय दर्शन चलता रहेगा।
अयोध्या में राम नवमी के मेले की शुरुआत चैत्र नवरात्र के पहले दिन 9 अप्रैल से हो जाएगी। इस बार चैत्र मेले के खास होने के चलते जिला सहित प्रदेश प्रशासन विशेष इंतजाम कर रहा है। अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ठहराने के लिए अस्थाई इंतजाम भी किए जाएंगे और सभी के लिए पीने के पानी आदि की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से की जाएगा। रामनवमी के दिन 17 अप्रैल को अयोध्या के सभी 10000 के लगभग मंदिरों में भगवान राम दोपहर 12 बजे जन्म लेंगे।
मुख्यमंत्री मोगी आदित्यनाथ नें भी चैत्र नवरात्रि तथा रामनवमी पर्व पर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सदस्यों से समन्वय करते हुए, श्री रामलला विराजमान मंदिर में अष्टमी, नवमी एवं दशमी तक 24 घण्टे दर्शन-पूजन की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरवार को अयोध्या में लगभग 1100 करोड़ रुपये लागत की 411 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद राम नवमी को लेकर अधिकारियों को निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए दर्शनार्थियों व श्रद्वालुओं के लिए पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता रहे।
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेले से सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्यां को सम्पादित करें। ऐसी व्यवस्था हो कि श्रद्वालुओं को ढाई किलोमीटर ज्यादा न चलना पड़े। इलेक्ट्रिक बसें लगायी जाएं और बस स्टेशन, एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक मैनेजमेंट की विशेष व्यवस्थाएं की जाएं।
Source Agency News








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