
फाइल फोटो
लखनऊ: बीते कुछ साल कोरोना और मंदी के बाद इस रमजान उत्तर प्रदेश के सेवई के कारोबार मे खासी रौनक नजर आ रही है। प्रदेश के वाराणसी और लखनऊ शहर से देश के सभी हिस्सों के अलावा विदेशों तक सिंवई भेजी जा रही है। राजधानी लखनऊ के सेवई कारखानों में बीते एक महीने से 24 घंटे काम हो रहा है और लगातार बाहर के आर्डर आ रहे हैं। आटे और मैदे की कीमतों में तेजी के चलते सेवई के दाम भी पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसके बाद भी बीते सालों के मुकाबले कारोबार 30 फीसदी से ज्यादा होने की उम्मीद है। पिछले साल अकेले वाराणसी और लखनऊ से ही रमजान के महीने में 400 करोड़ रुपये ज्यादा का कारोबार हुआ था जो अनुमान के मुताबिक इस बार 500 करोड़ के पार जाएगा।
हर साल ईद में सबसे ज्यादा बिकने वाली जीरो नंबर की किमामी सेवई और डबल जीरो नंबर की सेवई के मुकाबले इस बार बाजार में नई पेशकश केसरिया सेवई की सबसे ज्यादा मांग है। सबसे बारीक और सुनहरे रंग की केसरिया सेवई की मांग स्थानीय बाजारों के अलावा बाहर भी खूब है। केसरिया सेवई की कीमत 100 से 300 रुपये चल रही है। खास ईद के मौके पर पसंद की जाने वाली जीरो नंबर की किमामी सेवई बीते साल की ही तरह 70 से 90 रुपये किलो के बीच बिक रही है।
लखनऊ में पुल गुलाम हुसैन पर सेवई का कारखाना चलाने वाले हसीब का कहना है कि बीते एक साल से त्योहारों में बाजार की बढ़ती रौनक का अंदाजा लगाते हुए इस बार पहले से तैयारियां शुरु हो गयी थीं। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया, देवरिया व महराजगंज से सेवई बनाने वाले कारीगर बुला लिए गए थे और कच्चा माल भी एडवांस में जमा किया गया था। हसीब के मुताबिक अकेले पुराने लखनऊ में 100 से ज्यादा सेवई के कारखाने दिन रात काम कर रहे हैं और करीब 15 क्विंटल माल रोज तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि फरवरी से कारखाने चालू हो गए हैं जो अब मई के आखिर तक चलते रहेंगे।
राजधानी में सेवई के एक अन्य कारोबारी फाखिर इस्लाम का कहना है कि देश भर में और खासकर मुंबई, कोलकात, दिल्ली और केरल में सबसे ज्यादा मांग लखनऊ की सेवई की ही रहती है। हां कुछ लोगों को खास बनारसी भुनी सेवई पसंद आती है जिसकी सप्लाई वाराणसी से होती है। सेवई के थोक कारोबारी हकीम बताते हैं कि इस बार लोगों को बीच कच्ची सेवई की भी काफी मांग आ रही है। कच्ची सेवई की कीमत इस बार 80 से 90 रुपये किलो के बीच है. खास भुनी हुयी बनारसी सेवई 130 से 190 रुपये किलो के बीच मिल रही है। व्यापारी हकीम का कहना है कि बाजार में केसरिया, लट्ठा, मुजाफर, जीरो नंबर, डबल जीरो, कच्ची और बनारसी जैसी कई वैराइटी की सेवई मौजूद है। उनका कहना है कि रमजान के महीने में ही होली का त्योहार पड़ने की वजह से भी इस बार सेवई की बिक्री बढ़ी है।
Source Agency News








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