Thursday, February 05, 2026

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| आज बुद्ध पूर्णिमा! अयोध्या, हरिद्वार-वाराणसी में श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तों ने पवित्र गंगा में लगाई डुबकी

| आज बुद्ध पूर्णिमा! अयोध्या, हरिद्वार-वाराणसी में श्रद्धालुओं की भीड़, भक्तों ने पवित्र गंगा में लगाई डुबकी

buddh purnima

भक्तों ने पवित्र गंगा में लगाई डुबकी

आज देश में बुद्ध पूर्णिमा का पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु आज सवेरे से ही गंगा में डुबकी को रत हैं। काशी और प्रयागराज में गंगा के घाटों पर सवेरे से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा दिख रहा है ।

नई दिल्ली: जहां देशभर में आज यानी 23 मई को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व धूम धाम से मनाया जा रहा है। वहीँ देश के विभिन्न हिस्सों में हर साल की भांति इस साल भी वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि पर बुद्ध पूर्णिमा मनाई जा रही है। दरअसल मान्यता है कि, इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन बोधि पेड़ के नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह पर्व बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है।लोग बुद्ध पूर्णिमा की लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।

इसी क्रम में आज श्रद्धालु सवेरे से ही गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।वहीं आज उत्तर प्रदेश काशी और प्रयागराज में गंगा के घाटों पर सवेरे से ही श्रद्धालुओं का जमावड़ा रहा। वहीं आज गंगा में डुबकी लगाने का सिलसिला अभी जारी है। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. साथ ही साथ श्रद्धालुओं ने सरयू घाट पर पूजा-अर्चना की। इस बाबत आज राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व CM योगी आदित्यनाथ ने देश और प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने बधाई संदेश में कहा कि भगवान बुद्ध का त्यागमय जीवन व उत्कृष्ट विचार संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके आदर्श हमारे जीवन को आलोकित करते रहें और हम सभी को शक्ति प्रदान करते रहें।

इसके साथ ही CM योगी ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि महात्मा बुद्ध का अहिंसा, करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए अमूल्य निधि है। वर्तमान में महात्मा बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर विश्व में शांति व सद्भाव का वातावरण सृजित किया जा सकता है। महात्मा बुद्ध का संदेश मानव मात्र के लिए हमेशा प्रासंगिक बना रहेगा।

इस ख़ास मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, महात्मा बुद्ध की शिक्षा हम सभी को जीवन में धर्म का आचरण करने, नैतिक मूल्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करती है। जानकारी दें कि, बौद्ध धर्म के अनुयायी इस त्‍योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। वहीं हिंदुओं में भी आज के इस पावन दिन में भगवान विष्‍णु की पूजा होती है। दरअसल, गौतम बुद्ध को विष्‍णु जी का ही अंशावतार माना गया है।

Source Agency News

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