Thursday, February 05, 2026

अन्य खबरे, उत्तर प्रदेश

पटना में चांदी कारोबारी का कत्ल: पीछा करते आए हमलावर, सीसीटीवी फुटेज से तलाश; इन बिंदुओं पर हो रही जांच

पटना में चांदी कारोबारी का कत्ल: पीछा करते आए हमलावर, सीसीटीवी फुटेज से तलाश; इन बिंदुओं पर हो रही जांच

Murder of a silver trader in Patna investigation is being done on these points

चांदी कारोबारी का कत्ल

पटना में आगरा के प्रमुख सराफा कारोबारी अवधेश अग्रवाल की हत्या की घटना से एक बार फिर व्यापारी जगत में हलचल है। शूटर ने उन्हें फ्लैट के बाहर गोली मारी। घटना के बाद पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हत्या किसने और क्यों कराई? हत्या करने काैन आए थे? अभी इन सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। मामले में अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दो हमलावर सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए हैं। पुलिस टीम तलाश में लगी है। अवधेश अग्रवाल 9 साल पहले कारोबारी धन कुमार जैन पर हुए जानलेवा हमले के मामले में जेल भेजे गए थे, जिसमें उन्हें हाल ही में हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी।

दिवंगत कारोबारी का नाम हत्या की कोशिश के मामले में सामने आया था। तब घटना 22 नवंबर 2015 की है। फुलट्टी बाजार में घर के बाहर कारोबारी धन कुमार जैन पर हमला हुआ था। उनको गोली मारी थी। वह अपने गार्ड के साथ भी थे। हमलावर थाना एमएम गेट के पास से निकल गए थे। घटना के बाद व्यापारी आक्रोशित थे, आगरा बंद का एलान कर दिया था। इस पर पुलिस ने खुलासे में जल्दबाजी दिखाई। पहला फर्जी खुलासा कर दिया था। सवाल उठने लगे तो खुलासे को फर्जी मानते हुए दोबारा टीम लगी। इस पर 4 दिन बाद दोबारा खुलासा किया गया। इसमें दावा किया गया धन कुमार जैन के बड़े भाई प्रदीप जैन उर्फ बब्बे के साले विशाल अग्रवाल ने पूरी साजिश की। पारस गैंग को सुपारी दी गई। विशाल को पूरा पैसा अवधेश अग्रवाल ने दिया था। पुलिस ने 4 को जेल भेजा था।

 

 

डिस्ट्रीब्यूटरशिप छीनने पर हुई थी रंजिश

 

खुलासे में दावा किया था कि कारोबारी अवधेश अग्रवाल धन कुमार जैन के भाई प्रदीप जैन उर्फ बब्बे के खास हुआ करते थे। दोनों एक साथ व्यापार करते थे। बब्बे ने उन्हें वर्ष 1996 में अपनी फर्म सीबी चेन की बिहार में डिस्ट्रीब्यूटरशिप दे दी थी। वर्ष 2014 में धन कुमार जैन का अवधेश से विवाद हो गया। दोनों के बीच व्यापार खत्म होने पर रंजिश हो गई। पारस गैंग से 30 लाख में जान का साैदा किया गया था। पुलिस ने अवधेश अग्रवाल को समान आशय के साथ आपराधिक साजिश का आरोपी बनाया था। दूसरा मुकदमा थाना एमएम गेट में रंगदारी मांगने का दर्ज हुआ था। इसमें पुलिस ने 3 बार अंतिम रिपोर्ट भी लगाई थी।

 

 

 

सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

 

बाद में हत्या की कोशिश में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके आधार पर अवधेश अग्रवाल को एक बार फिर जेल भेजा गया था। वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट में उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की गई। कारोबारी हाईकोर्ट चले गए। परिवार के लोगों ने बताया कि 20 सितंबर 2024 को वह दोनों मामलों में बरी हो गए। उधर, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ धन कुमार जैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें सुनवाई होना बाकी है।

कई बिंदुओं पर पड़ताल

 

उधर, अवधेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पटना पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इनमें नजर आ रहा है कि हमलावर पीछा करते आए थे। आशंका है कि हमलावर काफी समय से उनके पीछे लगे होंगे। हालांकि अभी कई बिंदुओं पर पुलिस पड़ताल में लगी है।

Source Agency News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *