Thursday, February 05, 2026

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UP: बच्चों को निमोनिया से बचाव का उपाय…मां का दूध प्राकृतिक सुरक्षा कवच, जानें क्या कहते हैं चिकित्सक

UP: बच्चों को निमोनिया से बचाव का उपाय…मां का दूध प्राकृतिक सुरक्षा कवच, जानें क्या कहते हैं चिकित्सक

ठंड का मौसम शुरू होते ही छोटे बच्चों में निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। मां का दूध बच्चों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच है, जो उन्हें विभिन्न संक्रमणों से बचाता है। स्तनपान से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और निमोनिया जैसी बीमारियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है हर सांस की सुरक्षा – निमोनिया को अब रोकें। इसका उद्देश्य लोगों को निमोनिया के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के प्रति जागरूक करना है। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राम क्षितिज शर्मा ने बताया कि आगरा सहित आसपास के इलाकों में ठंड के मौसम में बच्चों में खांसी, जुकाम, बुखार और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों के साथ निमोनिया के मामले बढ़ जाते हैं। स्तनपान, बच्चों के लिए निमोनिया के संक्रमण से बचाव करता है। डॉ. अरुण जैन ने बताया कि समय पर पहचान और सही इलाज से इस बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

लक्षण

– तेजी से सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई होना

– लगातार खांसी (बलगम या सूखी)

– तेज बुखार

– छाती में दर्द या पसलियों का तेज चलना

– त्वचा का नीला पड़ना (ऑक्सीजन की कमी का संकेत)

उपचार

– नवजात को अन्य बीमारियों के साथ निमोनिया का टीका भी निर्धारित समय अंतराल पर लगवाएं

– निमोनिया होने पर तत्काल चिकित्सक से सलाह लें

– उपचार में लापरवाही न बरतें।

– बच्चों का ठंड से बचाव करें।

– ठंडे खाद्य पदार्थ देने से बचें।

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