अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में ट्रंप प्रशासन की नई इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई. इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक अधिकारी ने महिला को उसकी गाड़ी के अंदर ही गोली मारी. फेडरल अधिकारियों का कहना है कि महिला ने अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की थी और गोली आत्मरक्षा में चलाई गई, जबकि शहर के मेयर ने इस कार्रवाई को लापरवाही और गैर-जरूरी बताया है. महिला की पहचान रैनी गुड के रूप में हुई है. घटना के बाद इलाके में तनाव और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए.
रिहायशी इलाके में हुई गोलीबारी
यह घटना मिनियापोलिस के एक रिहायशी इलाके में हुई. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने बताया कि ICE अधिकारी ने महिला को उसकी गाड़ी में ही गोली मारी. महिला की मौके पर ही मौत हो गई. मामले की जांच जारी है.
वीडियो में दिखी पूरी घटना
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि एक ICE अधिकारी सड़क के बीच रुकी एक SUV के पास जाता है और ड्राइवर से दरवाज़ा खोलने को कहता है. वह गाड़ी का हैंडल पकड़ लेता है. इसी दौरान SUV आगे बढ़ने लगती है.
ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा- मैंने मिनियापोलिस, मिनेसोटा में हुई घटना का वीडियो अभी देखा है। यह देखना बेहद डरावना है। जो महिला चीख रही थी, वह साफ तौर पर एक पेशेवर उकसाने वाली थी और जो महिला कार चला रही थी, वह बहुत अव्यवस्थित थी, अधिकारियों के काम में बाधा डाल रही थी और विरोध कर रही थी। इसके बाद उसने जानबूझकर, हिंसक और बेहद क्रूर तरीके से ICE अधिकारी को कुचल दिया, जिसके बाद अधिकारी ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई।
सामने खड़े अधिकारी ने चलाई गोली
वीडियो में साफ दिखा कि गाड़ी के सामने खड़ा एक दूसरा ICE अधिकारी तुरंत अपना हथियार निकालता है और बहुत नजदीक से SUV पर कम से कम दो गोलियां चलाता है. जैसे ही गाड़ी उसकी ओर बढ़ती है, वह अधिकारी पीछे की ओर कूद जाता है. वीडियो से यह साफ नहीं हो पाया कि गाड़ी अधिकारी से टकराई थी या नहीं. फायरिंग के बाद SUV पास के फुटपाथ पर खड़ी दो कारों से टकरा गई और फिर रुक गई. महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई में बढ़ी सख्ती
यह घटना ट्रंप प्रशासन के दौरान बड़े अमेरिकी शहरों में चल रही इमिग्रेशन कार्रवाई की कड़ी मानी जा रही है. साल 2024 के बाद से अब तक अलग-अलग राज्यों में ऐसी कार्रवाइयों के दौरान कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है.
मिनियापोलिस और सेंट पॉल में डर का माहौल
DHS ने मंगलवार को मिनियापोलिस और सेंट पॉल में बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन अभियान शुरू करने का ऐलान किया था. इस अभियान में करीब 2,000 एजेंट और अधिकारी शामिल हैं. यह कार्रवाई कुछ मामलों में सोमाली समुदाय से जुड़े कथित धोखाधड़ी के आरोपों से भी जुड़ी बताई जा रही है. इसके बाद से दोनों शहरों में डर और बेचैनी का माहौल है.
गोलीबारी के बाद विरोध प्रदर्शन
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और स्थानीय व फेडरल अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने ‘शर्म करो’ और ‘ICE को मिनेसोटा से बाहर करो’ जैसे नारे लगाए और सीटी बजाकर विरोध जताया. मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने कहा कि इमिग्रेशन एजेंट शहर में अराजकता फैला रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘हम मांग करते हैं कि ICE तुरंत शहर और राज्य छोड़ दे. हम अपने प्रवासी और शरणार्थी समुदायों के साथ मजबूती से खड़े हैं.’
संवेदनशील इलाके में हुई घटना
जिस इलाके में गोलीबारी हुई, वह डाउनटाउन मिनियापोलिस के दक्षिण में है. यह इलाका पुराने प्रवासी बाजारों के पास है और उसी जगह से करीब एक मील दूर है, जहां साल 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी.








Visit Today : 212
Total Visit : 253642
Hits Today : 605
Total Hits : 612800
Who's Online : 3