झांसी में 8 साल पुराने डबल मर्डर मामले के एक अहम गवाह पर गोली चलवाने के आरोपी को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे जेल में ही रखने का आदेश दिया है। आरोपी पर कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
गवाह को निशाना बनाकर करवाई थी फायरिंग
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, विजय कुमार यादव ने बड़ागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 6 मई 2017 को वह अपने 7 वर्षीय बेटे को स्कूल बस में बैठाने के लिए गांधी चौक पहुंचे थे। उसी दौरान घनश्याम राजपूत, उसका बेटा और दो अन्य अज्ञात लोग वहां आए। अज्ञात लोगों के हाथों में तमंचे थे, जबकि घनश्याम के हाथ में डंडा था।
घनश्याम ने विजय की ओर इशारा करते हुए कहा कि यही वह व्यक्ति है जो उसके भतीजे के खिलाफ हत्या के मामले में गवाही दे रहा है। इसके बाद एक आरोपी ने तमंचा निकालकर विजय पर फायर कर दिया, हालांकि वह बाल-बाल बच गए। वारदात के बाद सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए थे।
डबल मर्डर केस का प्रमुख गवाह है पीड़ित
बताया गया कि वर्ष 2015 में संजय और रानू की हत्या हुई थी, जिसमें विजय कुमार यादव प्रमुख गवाह हैं। इस मामले में मझपटिया निवासी कैलाश राजपूत और अन्य लोग आरोपी हैं। आरोप है कि कैलाश राजपूत ने जेल में रहते हुए साजिश रचकर गवाह पर हमला करवाया था।
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हाल ही में आरोपी कैलाश राजपूत ने जमानत के लिए अदालत में आवेदन किया था, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।







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