Wednesday, July 08, 2026

अंतर्राष्ट्रीय

PoK में विरोध प्रदर्शन उग्र, लगातार 29वें दिन भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

PoK में विरोध प्रदर्शन उग्र, लगातार 29वें दिन भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पिछले कई सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं और उन्हें पूरा करने के लिए समयसीमा भी तय की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप है कि प्रशासन उनकी आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी, छापेमारी और बल प्रयोग जैसे कदम उठा रहा है। उनका यह भी दावा है कि कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि इन आरोपों पर पाकिस्तान सरकार की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, गिरफ्तार लोगों की रिहाई और दर्ज मामलों को वापस लेना शामिल है। इसके अलावा विधानसभा की कुछ आरक्षित सीटों की व्यवस्था को लेकर भी विरोध जताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौजूदा व्यवस्था स्थानीय प्रतिनिधित्व को प्रभावित करती है।

हाल के दिनों में ददियाल और मुजफ्फराबाद सहित कई इलाकों में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों की खबरें भी सामने आई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन घटनाओं में कई लोगों के घायल होने और कुछ के मारे जाने के दावे किए गए हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

आंदोलन के नेताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे बड़े स्तर पर प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित करेंगे। वहीं पाकिस्तान प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए हुए है।

इस बीच PoK से जुड़ा यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है। विदेशों में रहने वाले कुछ कश्मीरी समुदायों और अन्य समूहों ने भी प्रदर्शन कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

फिलहाल सभी की निगाहें आंदोलन के अगले चरण और पाकिस्तान सरकार की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत या प्रशासनिक कदमों से स्थिति किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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