लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से बड़ी संख्या में युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है और वे ऐसे सभी छात्रों के साथ खड़े हैं, जिन्हें इन घटनाओं का नुकसान उठाना पड़ा।
चर्चा के दौरान ओवैसी ने आरोप लगाया कि केवल जुर्माना और सजा बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उनका कहना था कि पेपर लीक रोकने के लिए जिम्मेदारी तय करना, जांच एजेंसियों को प्रभावी अधिकार देना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना अधिक जरूरी है।
उन्होंने परीक्षा प्रबंधन को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन में बेहतर व्यवस्था और पारदर्शिता की आवश्यकता है। ओवैसी ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं का विश्वास जीतने के लिए जवाबदेही बढ़ाने वाले कदम उठाने चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवाओं की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनका भरोसा कमजोर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से संवाद और प्रभावी प्रशासन के जरिए स्थिति सुधारने की अपील की।
भाषण के अंत में ओवैसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शासन व्यवस्था में कमियां दूर नहीं की गईं और युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में गंभीर सामाजिक और राजनीतिक असंतोष की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सरकार से समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।







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