Tuesday, August 25, 2026

राष्ट्रीय

आरक्षण को लेकर अभिजीत दीपके का बयान, बोले- पिता को लाभ मिला, जिससे मेरी पढ़ाई और करियर आसान हुआ

आरक्षण को लेकर अभिजीत दीपके का बयान, बोले- पिता को लाभ मिला, जिससे मेरी पढ़ाई और करियर आसान हुआ

देश के कई हिस्सों में आरक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरक्षण व्यवस्था पर अपनी निजी पृष्ठभूमि साझा करते हुए कहा कि वह समाज को बांटने वाली राजनीति में विश्वास नहीं रखते।

‘मेरे पिता को आरक्षण का लाभ मिला’

एक इंटरव्यू के दौरान अभिजीत दीपके ने बताया कि उनके पिता को आरक्षण का फायदा मिला था, जिससे उन्हें अच्छी नौकरी हासिल करने में मदद मिली। उनका कहना है कि पिता की नौकरी के कारण उन्हें बेहतर स्कूल में पढ़ने और आगे की शिक्षा के लिए अच्छे अवसर प्राप्त हुए।

उन्होंने बताया कि पिता के इंजीनियर बनने के बाद ही उनके लिए विदेश जाकर पढ़ाई करना संभव हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई के लिए लिया गया लोन अभी पूरी तरह चुकाया नहीं गया है।

दीपके ने अपने परिवार की आर्थिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता शिक्षित हैं, लेकिन परिवार के कई अन्य सदस्य उतने शिक्षित नहीं हो सके। उनके मुताबिक, उनके एक चाचा आज भी दुकान चलाते हैं, जबकि एक बुआ खेतों में काम करती हैं।

AAP छोड़ने की वजह भी बताई

बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने आम आदमी पार्टी के साथ काम करने के अनुभव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वहां उन्हें पर्याप्त आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी के साथ काम करना बंद कर दिया।

आरक्षण में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और UGC के इक्विटी नियमों को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाए और इसका राजनीतिक इस्तेमाल बंद होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग आर्थिक स्थिति और गरीबी को भी आरक्षण का आधार बनाने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि सहायता उन लोगों तक पहुंचनी चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है, चाहे उनकी जाति या धर्म कुछ भी हो।

5 सितंबर को विरोध मार्च का ऐलान

CJP ने 5 सितंबर 2026 को दिल्ली में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। संगठन का आरोप है कि 25 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए आश्वासन पूरे नहीं हुए।

संगठन के मुताबिक, प्रस्तावित मार्च में उन छात्रों के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा कराए जाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या की। जुलाई के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले छात्रों के परिवारों के शामिल होने की भी बात कही गई है।

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