Thursday, February 05, 2026

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Uttar Pradesh | जेवर एयरपोर्ट के चलते एनसीआर में बढ़ी होटल भूखंडों की मांग, योगी सरकार ने शुरु की योजना |

Uttar Pradesh | जेवर एयरपोर्ट के चलते एनसीआर में बढ़ी होटल भूखंडों की मांग, योगी सरकार ने शुरु की योजना |

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सांकेतिक तस्वीर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का काम तेजी से पूरा करने के साथ अब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के ग्रेटर नोएडा में होटल बनाने के लिए भूखंड का आवंटन कर रही है। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 28 में तीन श्रेणी के होटल भूखंडों के लिए ई-ऑक्शन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी के चलते प्राइम लोकेशन पर मौजूद इन भूखंडों पर बजट और प्रीमियम होटल बन सकेंगे।

यीडा की ओर लॉन्च इस योजना में 20 नवंबर तक आवेदन किया जा सकता है। योजना के जरिए आवंटन में प्राप्त प्लॉट 90 वर्षों की लीज पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाएगा. ई-ऑक्शन के जरिए भूमि प्राप्त करने वाले होटल निर्माणकर्ताओं को प्रथम चरण के कार्यों को तीन वर्ष जबकि पूरी परियोजना को 5 वर्षों के भीतर पूरा करना होगा। गौरतलब है कि 3400, 5000 व 10000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन भूखंडों की रिजर्व प्रीमियम प्राइस 20.10 से 62.06 करोड़ रुपए के बीच रखी गई है। जबकि 2 से 6.3 करोड़ रुपए के बीच इन प्लॉट्स की ईएमडी वैल्यू निर्धारित की गई है।

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यीडा के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत जिन आवेदनकर्ताओं को भूखंड आवंटित किए जाएंगे उन्हें कब्जा पाने के लिए संबंधित भूखंड श्रेणी की रिजर्व प्रीमियम प्राइस का 40 फीसदी देना होगा। बाकी के 60 फीसदी को 5 वर्षों में 10 किश्तों के जरिए चुकाया जा सकता है। वहीं, 3400 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति या संस्था की कम से कम नेट वर्थ 15 करोड़ होनी चाहिए। साथ ही, पिछले तीन वर्षों व मौजूदा वर्ष के हिसाब से न्यूनतम कुल टर्नओवर 30 करोड़ रुपए होना चाहिए। इसी प्रकार, 5000 वर्ग मीटर के भूखंड के लिए न्यूनतम नेटवर्थ 20 करोड़ व न्यूनतम कुल टर्नओवर 50 करोड़ होना चाहिए। वहीं 10,000 वर्ग मीटर के भूखंड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति या संस्था की कम से कम नेट वर्थ 50 करोड़ और कुल टर्नओवर 100 करोड़ रुपए होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, ई-ऑक्शन में भाग लेने के लिए आवेदनकर्ताओं को यीडा ऑक्शन टाइगर ऑनलाइन गेटवे पर रजिस्टर करना होगा जिसकी कीमत 1000 रुपए निर्धारित की गई है। वहीं, आवेदनकर्ताओं को होटल निर्माण के क्षेत्र में पर्याप्त अनुभव होना चाहिए और उन्हें यह भी दिखाना होगा कि उनके द्वारा देश या विदेश में किस स्टार कैटेगरी के होटलों का निर्माण, विकास व संचालन किया गया है।

इस ई-ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए जिन होटल कैटेगरी के प्लॉट आवंटन का रास्ता साफ होगा उन्हें तमाम प्रकार की सहूलियत भी मिलेगी। आवंटन में भूमि प्राप्त करने वाले आवेदनकर्ता प्राप्त प्लॉट पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर सकते हैं और इसके लिए किसी प्रकार की हाइट रिस्ट्रिक्शंस लागू नहीं होंगी। हालांकि, 24 मीटर से ज्यादा हाइट वाले होटल्स की इमारतों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की ओर से क्लीयरेंस की जरूरत होगी। साथ ही होटल के विकास का मास्टर प्लान यीडा की सभी शर्तों को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाएगा। वहीं, होटल का निर्माण करने वाले निर्माणकर्ताओं को ये सुनिश्चित करना होगा कि ग्राउंड क्लियरेंस 40 फीसदी रहेगा।

Source Agency News

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