
फ़ाइल फोटो
- प्रदेश के साथ देश भर में बड़े पैमाने पर सेतु निर्माण के चलते लाभ वाला विभाग बना सेतु निगम
- 2017 में 1013 करोड़ का था टर्न ओवर, 2022-23 में 1946 करोड़ पहुंचा टर्न ओवर
- 2017 में 24.92 करोड़ के लाभ में था सेतु निगम, 2022-23 में 119.63 करोड़ का हुआ लाभ
लखनऊ: पूरे देश में वर्ष 2017 से पहले बीमारू राज्य के रूप में पहचाने जाने वाला उत्तर प्रदेश योगी सरकार में नये कीर्तिमान रच रहा है। योगी सरकार में पिछले साढ़े छह वर्षों में स्थापित कानून का राज देश ही नहीं विदेशों में भी चर्चा का विषय बन गया है। साढे़ छह वर्ष पहले जहां प्रदेश के कई विभाग घाटे में चल रहे थे, वहीं योगी सरकार में वह न केवल घाटे से उबरे हैं बल्कि प्रॉफिट भी कमा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधीनस्थ उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम (Setu Nigam) लिमिटेड ने पिछले साढ़े छह वर्षों में पांच गुना (Five Times) अधिक लाभ कमाया है, जबकि तीन गुना (Tripled) टर्न ओवर (Turn Over) में बढ़ोत्तरी हुई है।
पिछले साढ़े छह वर्षों में बनाए 370 सेतु
योगी सरकार में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड ने पिछले साढ़े छह वर्षों में 370 सेतुओं का निर्माण किया है। इनमें 253 नदी सेतु, 107 आरओबी और 10 फ्लाईओवर शामिल हैं। इन सेतुओं के निर्माण से विभाग के टर्न ओवर में पिछले साढ़े छह वर्षों में तीन गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। निगम का वर्ष 2017-18 में टर्न ओवर 1013.74 करोड़ रहा, वहीं इस वर्ष 2800 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है जबकि पिछले साल 1946 करोड़ का टर्नओवर रहा। इसी तरह निगम के लाभांश में भी पिछले साढ़े छह वर्षों में पांच गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017-18 में निगम का लाभांश जहां 24.92 करोड़ का था, वहीं वर्ष 2022-23 में निगम ने रिकार्ड 119.63 करोड़ का लाभ कमाया था। वहीं निगम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 52 नदी सेतु और 45 आरओबी बनाने का लक्ष्य रखा। इसके सापेक्ष निगम ने अब तक 15 नदी सेतु और 15 आरओबी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है जबकि 37 नदी सेतु और 30 आरओबी का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
यह भी पढ़ें
एलिवेटेड फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जा रहा सेतु निगम
सेतु निगम राजधानी में अर्जुनगंज से मरीमाता मंदिर होते हुए शहीदपथ तक प्रीकॉस्ट सेगमेंटल बॉक्स प्रणाली पर आधारित एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण करने जा रहा है। निगम इस 2.10 किमी. के एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें शहीदपथ के नीचे अंडरपास का निर्माण कार्य भी शामिल है। इसके अलावा निगम राजधानी के अतिव्यस्तम अवध चौराहे पर मेट्रो रेल की लाइन होने की वजह से जाम से मुक्ति दिलाने को पुशिंग तकनीक से अंडरपास का निर्माण करने जा रहा है। इसके अलावा निगम की ओर से अयोध्या में निर्माणाधीन रेल उपरिगामी सेतुओं के नीचे वायाडक्ट भाग में आवश्यकतानुसार अयोध्या के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दृष्टिगत रखते हुए सौंदर्यीकरण क्रीड़ा स्थल, पार्किंग, फूडस्टॉल, पार्क, शौचालय, फसाड, विज्ञापन स्थल इत्यादि का कार्य स्वपोषित अनुरक्षण मॉडल के अनुरूप विकसित कराया जा रहा है।
Source Agency News








Visit Today : 112
Total Visit : 272984
Hits Today : 927
Total Hits : 674854
Who's Online : 2