
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun Murder Case) में घर में घुसकर दो नाबालिग बच्चों की नृशंस हत्या करने वाले आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत पर उसकी मां ने कहा कि उसने जो गलत किया, उसका ‘‘सही परिणाम” उसे मिला। आरोपी साजिद की मां नाजरीन ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘मुझे नहीं पता कि उनके दिमाग में क्या चल रहा था। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। जिन बच्चों के साथ यह घटना घटी, उसका मुझे बेहद अफसोस है।” पुलिस मुठभेड़ के बारे में पूछे जाने पर नाजरीन कहा, ‘‘उन्होंने जो गलत किया, उसका सही परिणाम उन्हें मिला।”
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता शिवपाल सिंह यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रदेश की कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।” प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपी उस परिवार को जानकार था और अपनी पत्नी के प्रसव के लिए रुपये मांगने वहां गया था। पुलिस ने नाबालिग भाइयों की हत्या के आरोपियों के पिता और चाचा को बुधवार को हिरासत में ले लिया। पुलिस महानिरीक्षक (बरेली रेंज) आरके सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हत्या के कुछ घंटों बाद ही आरोपी साजिद (22) को मुठभेड़ में मार गिराया गया। इलाके में हाल ही में नाई की दुकान खोलने वाले साजिद ने मंगलवार को एक घर में घुसकर तीन नाबालिग भाइयों- आयुष (12), अहान उर्फ हनी (8) और युवराज (10) पर चाकू से हमला कर दिया।
आयुष और अहान की मौत हो गई, जबकि युवराज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों के पिता विनोद कुमार की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, ‘‘ आरोपी साजिद अपने भाई जावेद के साथ मंगलवार सुबह करीब सात बजे उनके घर पहुंचा। साजिद ने मेरी पत्नी संगीता से अपनी पत्नी के प्रसव के लिए पांच हजार रुपये मांगे। जब मेरी पत्नी पैसे लेने अंदर गई तो साजिद घर की छत पर चला गया और जावेद भी छत पर पहुंच गया जिसके बाद दोनों ने मेरे दो बेटे- आयुष और अहान को भी छत पर बुलाया।” इसके अनुसार ‘‘दोनों ने तेज धारदार चाकू से मेरे बेटों पर हमला कर दिया।” प्राथमिकी के मुताबिक, ‘‘ जब मेरी पत्नी पैसे लेकर बाहर आई तो उसने साजिद और जावेद को नीचे आते देखा। मेरी पत्नी को देखकर उन्होंने कहा-आज मैंने अपना काम कर दिया है और घटनास्थल से फरार हो गये।”
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आरोपियों ने युवराज पर भी हमला किया जो अस्पताल में भर्ती है और उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। मृतक बच्चों के पिता एक निजी ठेकेदार हैं और घटना के समय वह जिले से बाहर थे। घर पर उनकी पत्नी संगीता के अलावा उनकी मां भी मौजूद थीं। घटना के कुछ घंटों बाद साजिद (22) को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया जबकि जावेद फरार है। पुलिस ने इस घटना के पीछे के मकसद के बारे में अभी कुछ स्पष्ट नहीं बताया है।
बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने कहा, ‘‘ हमने साजिद और जावेद के पिता बाबू और उनके चाचा कयामुद्दीन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। यह कदम जावेद को गिरफ्तार करने के प्रयासों के तहत उठाया गया है।” पुलिस ने जावेद और साजिद दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है। इस बीच, कुछ हिंदूवादी संगठनों ने आज सुबह इस घटना के विरोध में प्रदर्शन किया। बदायूं लोकसभा सीट से सपा के उम्मीदवार शिवपाल सिंह यादव ने यहां संवाददाताओं से कहा, “बदायूं में हुई घटना बहुत दुखद है, लेकिन सरकार की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। इस तरह की घटनाओं से यह साफ है।” मुठभेड़ के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं जिला और पुलिस प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए बधाई देता हूं, लेकिन इस घटना के पीछ की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “यदि पुलिस ठीक से काम करती तो इन जिंदगियों को बचाया जा सकता था। वे (भाजपा सरकार) अपनी खामियों को छिपा नहीं सकते। इस मुठभेड़ से उनकी विफलता नहीं छिपेगी।” बदायूं से भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य मृतकों के घर पहुंची और परिजनों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं इन दो नाबालिगों की हत्या की निंदा करती हूं। हमारा भाजपा परिवार पीड़ित परिवार के साथ है। मैं बस इतना कहूंगी कि जो लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, यह राजनीति करने का समय नहीं है।”
मौर्य ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘सपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है क्योंकि बदायूं का उनका तथाकथित किला 2019 में यहां के लोगों द्वारा ढहा दिया गया। सपा के उम्मीदवार ने देखा होगा कि आज बदायूं में उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। यही वजह है कि वे इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।” संभवतः उनका इशारा सपा नेता शिवपाल यादव की तरफ था जो बदायूं से उम्मीदवार घोषित होने के बाद पहली बार पिछले सप्ताह यहां आए थे। मौर्य ने 2019 में बदायूं लोकसभा सीट से सपा के धर्मेंद्र यादव को हराया था। इस बीच, नाबालिगों के शवों का पोस्टमार्टम के बाद आज सुबह अंतिम संस्कार कर दिया गया। भारी पुलिस बलों की मौजूदगी में गंगा नदी के कच्छल घाट पर परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया गया। यह मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़ा होने के मद्देनजर क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है।
(एजेंसी)
Source Agency News








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