मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा से नोएडा की ओर जाने वाली लेन पर हुई भीषण दुर्घटना की जांच कमेटी ने बृहस्पतिवार रात को घने कोहरे में जांच की। माइलस्टोन 127 की एक ओर रजवाहा होने के कारण दृश्यता शून्य मिली, जबकि घटनास्थल के एक किलोमीटर आगे-पीछे दृश्यता 10 मीटर तक आंकी गई। जांच समिति ने कोहरा और तेज रफ्तार को मुख्य कारण माना है। शुक्रवार शाम को रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी।
बलदेव स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए हादसे की जांच करने टीम ने रात्रिकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर हादसे की वजह जानने की कोशिश की। टीम ने पाया कि माइल स्टोन के पास ही नहर (रजवाहा) है, जिसके कारण धुंध अपेक्षाकृत अधिक छाई हुई थी। दृश्यता शून्य थी। ऐसे में तेज रफ्तार वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है। इसके बाद एक्सप्रेस वे पर लगे साइनेज एवं दिशा सूचक चिह्न की विजिबिलिटी का जायजा लिया गया।
लेन व्यवस्था/ लेन स्ट्रिप का अवलोकन किया गया। सड़क मार्ग पर लगे कैट-आई की विजिबिलिटी को देखा गया। कई स्थानों पर विजिबिलिटी कम पाई गई। कैट आई खराब थे या सही, यह भी देखा गया है। जांच टीम का मानना है कि मंगलवार को हुए हादसे की मुख्य वजहों में घना कोहरा और वाहनों की तेज रफ्तार रही। टीम में एडीएम (प्रशासन) अमरेश कुमार, एसपीआरए सुरेशचंद्र रावत, एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार व एनएचएआई के अधिकारी मौजूद रहे।
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