Monday, April 27, 2026

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दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय नहीं रहे, उनकी तस्वीरों में बसता था भारत

दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय नहीं रहे, उनकी तस्वीरों में बसता था भारत

देश के प्रसिद्ध फोटोग्राफर Raghu Rai का रविवार (26 अप्रैल 2026) को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बेटे नितिन राय के अनुसार, पहले उन्हें प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, जिसका इलाज सफल रहा, लेकिन बाद में यह बीमारी शरीर के अन्य हिस्सों और अंततः दिमाग तक फैल गई, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई।

1942 में पंजाब के झंग (अब पाकिस्तान में) में जन्मे रघु राय ने फोटोग्राफी की शुरुआती सीख अपने बड़े भाई एस. पॉल से ली। 1960 के दशक में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और 1965 में The Statesman अखबार से बतौर फोटोग्राफर जुड़े। यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया।

1968 में वह Maharishi Mahesh Yogi के आश्रम भी पहुंचे, जहां उस समय मशहूर ब्रिटिश बैंड The Beatles मौजूद था।

रघु राय की सबसे चर्चित तस्वीरों में Bhopal Gas Tragedy के बाद की एक मार्मिक फोटो शामिल है, जिसमें एक मासूम बच्चे का निर्जीव शरीर दिखाया गया था। यह तस्वीर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बनी और उनके काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।

1976 में उन्होंने ‘द स्टेट्समैन’ छोड़ा और ‘संडे’ मैगजीन में पिक्चर एडिटर बने। 1977 में उन्हें प्रसिद्ध फ्रेंच फोटोग्राफर Henri Cartier-Bresson ने प्रतिष्ठित Magnum Photos से जुड़ने के लिए चुना, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही। इसके बाद 1980 में वह India Today से जुड़े, जहां उन्होंने फोटोग्राफर और पिक्चर एडिटर के रूप में काम किया।

उन्होंने 1984 के भोपाल गैस हादसे को बेहद करीब से कवर किया और इस पर “Exposure: A Corporate Crime” नामक किताब भी लिखी। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi और Mother Teresa के साथ भी लंबे समय तक काम किया।

रघु राय ने अपने करियर में भारत की संस्कृति, समाज और शहरों पर 18 से अधिक किताबें लिखीं। उनकी प्रमुख कृतियों में Raghu Rai’s India: Reflections in Color और Reflections in Black and White शामिल हैं। उनका काम TimeLifeThe New York TimesNewsweek और The New Yorker जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ।

उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 1972 में बांग्लादेश युद्ध की कवरेज पर पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। Raghu Rai को भारत के सबसे प्रभावशाली फोटोग्राफरों में गिना जाता है और उनके निधन से कला व मीडिया जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

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