Friday, June 12, 2026

राष्ट्रीय

सुरक्षा हालात में सुधार के संकेत, एक-दो राज्यों को छोड़ पूरे पूर्वोत्तर से हट सकता है AFSPA

सुरक्षा हालात में सुधार के संकेत, एक-दो राज्यों को छोड़ पूरे पूर्वोत्तर से हट सकता है AFSPA

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा स्थिति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यदि मौजूदा हालात इसी तरह बने रहे, तो अगले वर्ष एक-दो राज्यों को छोड़कर अधिकांश पूर्वोत्तर क्षेत्र से Armed Forces (Special Powers) Act हटाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास से जुड़े प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उनके अनुसार, जिन इलाकों में पहले AFSPA लागू था, वहां इसके दायरे में लगातार कमी आई है, जो सामान्य स्थिति की ओर बढ़ते कदमों का संकेत है।

असम-नगालैंड समझौते को बताया महत्वपूर्ण कदम

यह बयान केंद्र सरकार, Assam और Nagaland के बीच हुए एक त्रिपक्षीय समझौते के दौरान आया। समझौते का उद्देश्य दोनों राज्यों की सीमा से लगे क्षेत्रों में तेल और खनिज संसाधनों की खोज और दोहन से जुड़े कार्यों को गति देना है।

लंबे समय से अधिकार क्षेत्र और सीमा विवादों के कारण इन इलाकों में ऊर्जा संसाधनों पर काम प्रभावित हो रहा था। अब नई व्यवस्था से निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर

गृह मंत्री ने कहा कि समझौते के बाद क्षेत्र में तेल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। उनका मानना है कि पूर्वोत्तर में उपलब्ध ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग देश की आयातित तेल पर निर्भरता कम करने में सहायक हो सकता है।

शांति और विकास पर जोर

अमित शाह ने कहा कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद, हिंसा और अस्थिरता की घटनाओं में कमी आई है, जिससे विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। उन्होंने क्षेत्र में सड़क, रेल, हवाई संपर्क और निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों का भी उल्लेख किया।

AFSPA क्या है?

Armed Forces (Special Powers) Act एक विशेष कानून है, जिसके तहत अशांत घोषित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को अतिरिक्त अधिकार दिए जाते हैं। यह कानून लंबे समय से पूर्वोत्तर के कई राज्यों और कुछ अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में लागू रहा है। हाल के वर्षों में सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद इसके दायरे को चरणबद्ध तरीके से कम किया गया है।

निष्कर्ष

गृह मंत्री का यह बयान पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा और विकास से जुड़े प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों से AFSPA हटाए जाने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है, जिससे सामान्य प्रशासन और आर्थिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की संभावना है।

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